बिहार में लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने छुट्टी लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। अब सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी छुट्टी की अर्जी केवल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली यानी HRMS पोर्टल के माध्यम से देनी होगी। इस संबंध में सरकार की ओर से व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
क्या है नई व्यवस्था?
सरकार ने मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के तहत बने अवकाश प्रबंधन मॉड्यूल को पूरी तरह अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि अब कोई भी सरकारी कर्मचारी पारंपरिक तरीके से यानी कागजी आवेदन देकर छुट्टी नहीं ले सकेगा। हर प्रकार की छुट्टी की अर्जी, उसकी मंजूरी और रद्दीकरण — सब कुछ इसी पोर्टल के जरिए होगा।
हालांकि यह आदेश पूरी तरह नया नहीं है, लेकिन कई सरकारी दफ्तरों में इसका सही तरह से पालन नहीं हो रहा था। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि कर्मचारियों का छुट्टी बैलेंस (लीव बैलेंस) पोर्टल पर अपडेट नहीं रहता था, जिसके कारण वे आवेदन ही नहीं कर पाते थे और पुराने तरीके से काम चलाते रहे।
बैलेंस अपडेट की अनिवार्यता हटी — कर्मचारियों को बड़ी राहत
नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब कर्मचारी बिना बैलेंस अपडेट हुए भी सीधे अपनी लॉगिन से छुट्टी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यानी पहले जैसी वह परेशानी नहीं रहेगी जिसमें कर्मचारी को पहले बैलेंस अपडेट कराने के लिए दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते थे और तब जाकर छुट्टी का आवेदन हो पाता था।
यह बदलाव कर्मचारियों के लिए समय और श्रम दोनों की बचत करेगा और छुट्टी लेने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
अधिकारियों और एडमिन की बढ़ी जिम्मेदारी
जहां एक तरफ कर्मचारियों को राहत दी गई है, वहीं दूसरी तरफ दफ्तर के एडमिन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी छुट्टी आवेदन को आगे बढ़ाने से पहले संबंधित कर्मचारी का लीव बैलेंस सही तरीके से पोर्टल पर अपडेट किया जाए और उसके बाद ही आवेदन को मंजूरी दी जाए।
इसके अलावा एक और अहम नियम यह बनाया गया है कि बिना अधिकारी की स्वीकृति के कोई भी छुट्टी न तो वापस ली जा सकेगी और न ही स्वतः रद्द मानी जाएगी। इससे छुट्टी प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन दोनों सुनिश्चित होंगे।
सभी विभागों को निर्देश जारी
सरकार ने राज्य के सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ दफ्तरों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि अब से हर प्रकार की छुट्टी की अर्जी केवल HRMS पोर्टल के माध्यम से ही दी और स्वीकृत की जाए। किसी भी स्तर पर पुरानी कागजी प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति नहीं होगी।
क्यों है यह बदलाव जरूरी?
यह कदम बिहार सरकार के ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रशासन के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। HRMS पोर्टल के जरिए छुट्टी प्रबंधन को अनिवार्य बनाने से न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि छुट्टियों के रिकॉर्ड का सटीक और केंद्रीकृत डेटाबेस भी तैयार होगा। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों दोनों के लिए काम आसान होगा और मनमाने तरीके से छुट्टी देने या लेने की गुंजाइश भी कम होगी।