BNT Desk: बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव के पास मंगलवार शाम हुए इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में अधिकांश बच्चे और नाबालिग बताए जा रहे हैं। नाव पर सवार लोग गंगा पार कर पड़ोस के गांव में भोज खाने जा रहे थे, तभी बीच नदी में नाव पलट गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। जिलाधिकारी वर्षा सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू कराया।
भोज खाने जा रहे थे लोग, बीच गंगा में पलट गई नाव
मिली जानकारी के अनुसार, घटना राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास हुई। नाव पर करीब 20 से 30 लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। सभी लोग गंगा पार कर दूसरे गांव में आयोजित भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव बीच नदी में असंतुलित होकर पलट गई और उस पर सवार लोग पानी में डूबने लगे। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोगों ने बचाव की कोशिश शुरू की। स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की टीम ने भी नदी में तलाशी अभियान चलाया।
प्रारंभिक रिपोर्टों में नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, हादसे की सटीक वजह और नाव पर सवार लोगों की कुल संख्या को लेकर अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार है।
13 लोगों की मौत, मृतकों में ज्यादातर बच्चे
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में अधिकांश नाबालिग हैं। हादसे के बाद कई लोगों को पानी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की।
इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन बच्चों को परिवार के साथ भोज में शामिल होने जाना था, वे इस हादसे का शिकार हो गए। गांव में शोक का माहौल है और प्रभावित परिवारों के घरों में मातम पसरा हुआ है।
मृतकों के नाम और पिता के नाम
प्राप्त सूची में मृतकों के नाम और उनके पिता के नाम इस प्रकार बताए गए हैं:
- मीरा कुमारी — पिता रामनरेश राय
- निशु कुमारी — पिता सत्येंद्र राय
- अनिशा कुमारी — पिता सुरेंद्र राय
- सुनीता कुमारी — पिता राज किशोर राय
- आर्यन कुमार — पिता गांधी राय
- मोहन कुमार — पिता अखिलेश राय
- अमृता कुमारी — पिता राज किशोर राय
- अंकिता कुमारी — पिता राज किशोर राय
- पिंकी कुमारी — पिता डोमन राय
- नमन कुमार — पिता मुकेश राय
- सिकी कुमारी — पिता सुरेश राय
- भोनू कुमारी — पिता रामप्रवेश राय
- सोनम कुमारी — पिता नरेश राय
डीएम-एसपी समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय लोगों के साथ पुलिस तथा राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम भी जुटी। नदी में डूबे लोगों को निकालने और लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया।
प्रशासन की ओर से घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। शुरुआती खबरों में अलग-अलग समय पर मृतकों और बचाए गए लोगों की संख्या में अंतर सामने आया था। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 बताई गई।
नावों के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद नदी में नावों के परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर निजी नावों के परिचालन पर रोक होने के बावजूद नाव से आवाजाही जारी रहने का दावा किया गया है। हालांकि, संबंधित रोक के आदेश और उसके उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि नाव पर कितने लोग सवार थे, नाव की स्थिति कैसी थी, सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और नदी में परिचालन की निगरानी किस तरह की जा रही थी। यदि सुरक्षा संबंधी निर्देशों की अनदेखी हुई है, तो यह भी जांच के दायरे में आना चाहिए कि इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा जरूरी
गंगा नदी में हुआ यह हादसा नदी पार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। खासकर उन इलाकों में, जहां नदी पार करना लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है, वहां सुरक्षित नाव, निर्धारित क्षमता का पालन और निगरानी बेहद जरूरी है। फिलहाल, हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की खबर सामने आई है। घटना की वजह, नाव पर सवार लोगों की सही संख्या और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर जांच के नतीजों का इंतजार है।