BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र, पटना विश्वविद्यालय (PU) परिसर में उस समय अचानक अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब भारी संख्या में पुलिस बल ने इकबाल छात्रावास (Iqbal Hostel) को चारों तरफ से घेर लिया। गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) की संयुक्त टीम ने पूरे छात्रावास परिसर में एक सघन और बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस हाई-लेवल छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली। इकबाल छात्रावास के ठीक पीछे स्थित एक पुराने, जर्जर और खंडहरनुमा भवन से दो जिंदा सूतली बम बरामद किए गए। ये दोनों बम बकायदा प्लास्टिक में लपेटकर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए थे। बमों की बरामदगी से यह साफ हो गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा परिसर के भीतर किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की खतरनाक साजिश रची जा रही थी, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते नाकाम कर दिया।
छात्र गुटों में तनाव के बाद मिला था इनपुट
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से पटना विश्वविद्यालय और उसके आस-पास के छात्र गुटों के बीच आपसी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई और भारी तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को एक पुख्ता इनपुट (सूचना) मिला था कि इस आपसी विवाद का बदला लेने के लिए कैंपस के भीतर बमबाजी या कोई बड़ी हिंसक झड़प की जा सकती है।
इस गंभीर सूचना के मिलते ही पटना पुलिस की सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आनन-फानन में इकबाल छात्रावास में छापेमारी करने का फैसला लिया गया।
खंडहर से मिले बम
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस के जवानों और जासूसों ने छात्रावास के कमरों, छात्रों के रहने के ठिकानों, लॉबी और आसपास के खाली पड़े मैदानों की बारीकी से जांच की। जब टीम छात्रावास के पिछले हिस्से में मौजूद एक सुनसान और जर्जर पड़े खंडहरनुमा भवन की तरफ बढ़ी, तो वहां मलबे के बीच प्लास्टिक में लिपटे दो संदिग्ध पैकेट दिखाई दिए।
बम स्क्वॉड का एक्शन: मौके पर मौजूद बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) ने मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से जब उन पैकेटों की जांच की, तो उसमें जिंदा सूतली बम होने की पुष्टि हुई। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए दोनों शक्तिशाली बमों को अपने नियंत्रण में लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर निष्क्रिय (डिफ्यूज) करने की प्रक्रिया शुरू की।
परिसर में पसरा दहशत का माहौल
विश्वविद्यालय परिसर के भीतर अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की गाड़ियों, हथियारबंद जवानों और बम निरोधक दस्ते की हलचल देखकर छात्रावास में रहने वाले आम छात्रों के बीच दहशत और खौफ का माहौल बन गया। कुछ समय के लिए पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और छात्र सहम गए।
सुरक्षा के लिहाज से और साक्ष्यों (सबूतों) के साथ छेड़छाड़ न हो, इसके लिए पुलिस ने एहतियात के तौर पर इकबाल छात्रावास के आसपास के रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया और आम लोगों व बाहरी छात्रों की आवाजाही को सीमित कर दिया था।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पटना पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। आखिर इतने संवेदनशील और शैक्षणिक क्षेत्र में जिंदा विस्फोटक कहाँ से और कौन लेकर आया, इसकी गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
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सीसीटीवी और पूछताछ: पुलिस छात्रावास परिसर और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्रों से भी बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।
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फॉरेंसिक लैब: बरामद किए गए दोनों सूतली बमों को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेजा जा रहा है। फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि इन बमों को बनाने में किस तरह के बारूद का इस्तेमाल हुआ था और इन्हें कितने दिन पहले यहां छिपाया गया था।
यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ाई गई सुरक्षा
इस चौंकाने वाली घटना के बाद पटना विश्वविद्यालय प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं। पूरे कैंपस के भीतर अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Force) की तैनाती कर दी गई है और सुरक्षा को चाक-चौबंद कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से सभी छात्रों से धैर्य रखने और कैंपस में शांति व्यवस्था बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। हालांकि, राजधानी के इतने बड़े और नामी शैक्षणिक संस्थान के हॉस्टल से जिंदा बम मिलने की इस घटना ने कॉलेज की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और गार्ड्स की तैनाती पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।