पटना: 18 से 30 मई तक इन रास्तों पर वाहनों की एंट्री बंद, घर से निकलने से पहले देखें वैकल्पिक मार्ग

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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के पाटलिपुत्र और राजीव नगर इलाके में सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। मानसून के आगमन से पहले शहर को जलजमाव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए दीघा-कंकड़बाग सीवरेज परियोजना के तहत आवश्यक निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इस महत्वपूर्ण काम को समय पर पूरा करने के लिए पाटलिपुत्र इलाके की यातायात व्यवस्था (ट्रैफिक रूट) में 18 मई (सोमवार) से लेकर 30 मई तक के लिए अस्थायी बदलाव किया गया है।

बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य के दौरान कुल 13 दिनों तक कई प्रमुख सड़कों पर आम वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम और असुविधा से बचने के लिए तय किए गए वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें।

इन प्रमुख रास्तों पर रहेगी पूरी तरह पाबंदी

यातायात पुलिस और बुडको से मिली जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों को पूरी तरह बैरिकेड किया जा रहा है। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित रास्तों पर वाहनों का आना-जाना बंद रहेगा:

  • बियाडा गेट से राजीव नगर अंडरपास: पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) स्थित बियाडा गेट से लेकर राजीव नगर अंडरपास तक सामान्य वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

  • अटल पथ की सर्विस लेन: राजीव नगर अंडरपास से लेकर एएन कॉलेज (A.N. College) तक जाने वाली अटल पथ की सर्विस लेन में भी किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

 

जाम से बचने के लिए इन वैकल्पिक मार्गों का करें इस्तेमाल

परियोजना क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी गाड़ियों का आवागमन होता है। ऐसे में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है:

वैकल्पिक रूट: इस मार्ग से गुजरने वाले सभी सामान्य वाहनों को बियाडा रोड (BIADA Road) की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। वाहन चालक बियाडा रोड से होते हुए आसानी से अटल पथ की ओर निकल सकेंगे।

यातायात पुलिस ने वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे दफ्तर, स्कूल या किसी जरूरी काम के लिए निकलते समय निर्धारित समय से थोड़ा पहले घर से निकलें ताकि डायवर्जन के कारण होने वाली संभावित देरी से बचा जा सके।

मानसून से पहले सीवरेज नेटवर्क दुरुस्त करने का लक्ष्य

बुडको के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निर्माण कार्य जनहित में बेहद आवश्यक है। पटना में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलजमाव और गंदगी की समस्या से लोगों को बड़ी राहत देने के लिए इस सीवरेज नेटवर्क को दुरुस्त किया जा रहा है। मानसून आने से पहले इस पाइपलाइन और ड्रेनेज सिस्टम को आपस में जोड़ना अनिवार्य है, अन्यथा बारिश के दिनों में काम करना असंभव हो जाएगा।

युद्धस्तर पर काम चालू, एमडी ने दिए निर्देश

सीवरेज परियोजना के इस हिस्से को पूरा करने के लिए अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम चौबीसों घंटे तैनात है। काम को पूरी तरह से युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है ताकि तय समय सीमा यानी 30 मई तक इसे हर हाल में खत्म किया जा सके।

बुडको के प्रबंध निदेशक (MD) अनिमेष कुमार पराशर ने इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और इसे निर्धारित समय के भीतर ही पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि इस निर्माण कार्य की वजह से स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।

सड़कों पर मुस्तैद रहेगी ट्रैफिक पुलिस

13 दिनों के इस विशेष ब्लॉकेज के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मौके पर भारी संख्या में ट्रैफिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी लगातार इस रूट की निगरानी करेंगे ताकि बियाडा रोड वाले वैकल्पिक मार्ग पर गाड़ियों का दबाव बढ़ने से लंबा जाम न लगे।

बुडको और पटना ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि जनता ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करे। जैसे ही 30 मई को निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, इस पूरे रूट की यातायात व्यवस्था को तुरंत पहले की तरह (पूर्ववत) सामान्य कर दिया जाएगा।

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