गयाजी: विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमले से भड़के जीतन राम मांझी; कहा— ‘8वीं बार हुआ अटैक, SSP और DM आवास घेरने की दी चेतावनी

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BNT Desk: बिहार के गया जिले में बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र की हम (HAM) विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हुए जानलेवा हमले के बाद सूबे की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। बीते रविवार (17 मई, 2026) को हुई इस हिंसक घटना के बाद आज सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता जीतन राम मांझी ने गयाजी में पत्रकारों से बात करते हुए अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।

जीतन राम मांझी ने गया पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ज्योति मांझी पर हुआ 8वां हमला करार दिया। उन्होंने मोहनपुर थाना प्रभारी पर बेहद गंभीर और जातिसूचक आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की मिलीभगत और लापरवाही के कारण ही अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।

 SSP-DM आवास घेरने की चेतावनी

गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और स्थानीय पुलिस पर बरसते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। अगर पुलिस समय रहते मुस्तैदी दिखाती, तो घटना स्थल से ही सभी हमलावर दबोचे जा सकते थे।

“पुलिस ने जानबूझकर हमलावरों को भागने का मौका दिया और उन्हें छोड़ दिया। मोहनपुर के थानाध्यक्ष ने एक एससी-एसटी (SC-ST) महिला विधायक के प्रति जानबूझकर चक्रव्यूह रचा है। उनका दिमाग पूरी तरह एंटी-शेड्यूल कास्ट (दलित विरोधी) है।” — जीतन राम मांझी

मांझी ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले सात दिनों के भीतर इस हमले के सभी मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे स्वयं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गया के एसएसपी और जिलाधिकारी (DM) आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे।

विधायक ज्योति मांझी का दर्द

इस पूरे जानलेवा हमले को लेकर बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी ने अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने कहा कि हमलावरों की नीयत साफ तौर पर उनकी जान लेने की थी। घटना के वक्त माहौल इतना हिंसक था कि यदि वे अपनी गाड़ी का शीशा नीचे करतीं या वाहन से नीचे उतरतीं, तो उनके साथ कोई भी बड़ी और अनहोनी घटना घट सकती थी।

ज्योति मांझी ने भावुक होते हुए कहा, “हम जनता के सेवक हैं और लगातार क्षेत्र के विकास के लिए काम करते हैं। लोकतंत्र में चुनाव के दौरान ‘नोटा’ (NOTA) का भी विकल्प रहता है। अगर जनता को हमारा काम पसंद नहीं है, तो वे नोटा का बटन दबा सकते हैं। लेकिन इस तरह का हिंसक बर्ताव पूरी तरह गलत है। अगर जनप्रतिनिधियों पर लगातार ऐसे हमले होते रहे, तो हम खुलकर और ठीक से जनता के बीच काम नहीं कर पाएंगे।”

विपक्ष पर साधा निशाना

विधायक ज्योति मांझी ने इस हमले के पीछे राजनीतिक साजिश होने की आशंका भी जताई। उन्होंने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली बार भी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा उनके काफिले को निशाना बनाया गया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंसा करने वाले इन अपराधियों और उग्रवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता है।

क्या थी पूरी घटना?

गौरतलब है कि यह पूरी घटना बीते रविवार (17 मई) की है, जब विधायक ज्योति मांझी अपने क्षेत्र में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान मोहनपुर थाना क्षेत्र के रास्ते में अचानक दर्जनों लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया और घेरकर हमला कर दिया।

इस दौरान भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने विधायक की गाड़ी पर पथराव करने की कोशिश की और उनके साथ चल रहे सरकारी सुरक्षाकर्मियों (बॉडीगार्ड्स) के साथ भी जमकर बदसलूकी और मारपीट की। सुरक्षाकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए बड़ी मुश्किल से विधायक की गाड़ी को सुरक्षित वहां से निकाला।

7 नामजद और 20 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज

इस मामले में मोहनपुर थाने में पुलिस की मौजूदगी में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 7 मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि 20 अज्ञात लोगों पर सुरक्षाकर्मियों से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और विधायक के काफिले पर हमला करने का मामला दर्ज हुआ है। गया पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी शुरू कर दी है।

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