बिहार: 14,101 सरकारी पदों पर निकली बंपर भर्ती, 5 बड़ी परीक्षाओं से होगी सीधी बहाली, देखें पूरी डिटेल

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत ही शानदार और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न उपक्रमों के समन्वय से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार का पिटारा खुल गया है। बिहार में कुल 14,101 सरकारी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती निकाली गई है। इस महा-भर्ती अभियान के तहत युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं से लेकर पुलिस और भारतीय रेलवे जैसे प्रतिष्ठित विभागों में देश व राज्य की सेवा करने का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है।

परिवहन, गृह, रेलवे और प्रशासनिक विभागों में होने वाली इन सभी बहालियों को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 5 अलग-अलग परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन सभी परीक्षाओं की जिम्मेदारी देश और राज्य की सबसे विश्वसनीय भर्ती एजेंसियों को सौंपी गई है। योग्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और सभी पदों के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तिथियां भी अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।

इन तीन बड़ी एजेंसियों के माध्यम से होगी बहाली

इस मेगा रिक्रूटमेंट ड्राइव (Mega Recruitment Drive) को समय पर और बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करने के लिए तीन मुख्य परीक्षा बोर्डों को जिम्मेदारी दी गई है:

  1. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC): राज्य के प्रशासनिक और तकनीकी विभागों में अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए बीपीएससी परीक्षा आयोजित करेगा। इसके तहत युवाओं को सीधे तौर पर अफसर बनने का मौका मिलेगा।

  2. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC): बिहार पुलिस महकमे को मजबूत करने और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) और अन्य समकक्ष पदों पर बहाली की कमान बीपीएसएससी के हाथों में होगी।

  3. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB): भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन और विशेष रूप से बिहार के अंतर्गत आने वाले रेल मंडलों में खाली पड़े तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों को भरने के लिए रेलवे द्वारा परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

 

5 अलग-अलग परीक्षाओं से तैयार होगी मेरिट लिस्ट

भर्ती बोर्ड के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, विज्ञापित किए गए 14,101 पदों की प्रकृति एक जैसी नहीं है। इसमें योग्यता के अलग-अलग मापदंड तय किए गए हैं। यही वजह है कि उम्मीदवारों की योग्यता को सही तरीके से परखने के लिए कुल 5 अलग-अलग प्रकार की परीक्षाओं का खाका तैयार किया गया है।

इन परीक्षाओं में लिखित परीक्षा (प्रारंभिक और मुख्य), शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test – केवल पुलिस विभाग के लिए) और कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT – केवल रेलवे के लिए) शामिल होंगे। प्रत्येक परीक्षा के सफल समापन के बाद एक पारदर्शी मेरिट लिस्ट (मेधा सूची) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम रूप से चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।

विभागवार रिक्तियों का विवरण और मुख्य आकर्षण

इस भर्ती अभियान के तहत राज्य के युवाओं को अपनी पसंद और शैक्षणिक योग्यता के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में करियर बनाने का विकल्प मिलेगा:

  • प्रशासनिक विभाग: बीपीएससी के माध्यम से युवाओं को ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों में महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का मौका मिलेगा।

  • वर्दी की नौकरी (पुलिस विभाग): जो युवा देश और राज्य की सुरक्षा में अपना योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए बिहार पुलिस (BPSSC) के तहत दारोगा और सार्जेंट जैसे पदों पर सीधी भर्ती का यह बेहतरीन अवसर है।

  • रेलवे में नौकरी: रेलवे के जरिए युवाओं को केंद्र सरकार के अधीन एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य बनाने का मौका मिलेगा, जिसमें तकनीकी से लेकर प्रशासनिक पद शामिल हैं।

 

जल्द पूरी होगी प्रक्रिया, आवेदन की तिथियों पर रखें नजर

राज्य सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि इन सभी 14,101 पदों पर बहाली की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और परीक्षा बोर्डों को ‘मिशन मोड’ में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

चूंकि यह भर्तियां अलग-अलग विभागों और एजेंसियों द्वारा निकाली गई हैं, इसलिए इनके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीखें भी अलग-अलग तय की गई हैं। परीक्षा विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाले भारी ट्रैफिक और तकनीकी समस्याओं (सर्वर डाउन) से बचने के लिए समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कर लें।

युवाओं में उत्साह की लहर, तैयारियों में जुटे छात्र

एक साथ 14 हजार से अधिक पदों पर वैकेंसी आने से पटना के कोचिंग हब (मुसल्लहपुर हाट, अशोक राजपथ, बोरिंग रोड) समेत पूरे बिहार के छात्र-छात्राओं में उत्साह की एक नई लहर दौड़ गई है। लंबे समय से वैकेंसी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने पुस्तकालयों और कोचिंग संस्थानों में अपनी तैयारी की रफ्तार दोगुनी कर दी है। सरकार की इस पहल से न केवल राज्य में बेरोजगारी की दर में कमी आएगी, बल्कि विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर होने से सरकारी कामकाज की गति भी तेज होगी।

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