बिहार: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग; एक ही हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम, ₹109 के पार पहुंचा पेट्रोल

BiharNewsAuthor
6 Min Read

BNT Desk: बिहार की आम जनता के लिए एक बार फिर बड़ी और तगड़ी झटके वाली खबर सामने आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू तेल कंपनियों के नए मूल्य निर्धारण नीति के कारण राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा हैरान और परेशान करने वाली बात यह है कि पिछले महज एक हफ्ते (सात दिनों) के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन के दामों में इस तरह इजाफा किया गया है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद पूरे बिहार में पेट्रोल और डीजल के दाम औसतन 90 पैसे प्रति लीटर तक महंगे हो गए हैं। इस अचानक हुई मूल्य वृद्धि ने न केवल मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है, बल्कि माल ढुलाई महंगी होने की वजह से अब अन्य जरूरी सामानों के दाम बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।

राजधानी पटना में आसमान छू रहे हैं दाम

यदि बात सूबे की राजधानी पटना की करें, तो यहाँ तेल की कीमतों ने पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा संशोधन के बाद पटना में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 109.57 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, परिवहन और कृषि क्षेत्र की रीढ़ माना जाने वाला डीजल भी अब 95.55 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बिक रहा है। कीमतों में इस अप्रत्याशित उछाल के कारण पटना की सड़कों पर गाड़ी चलाने वाले बाइक सवारों, ऑटो चालकों और कमर्शियल वाहन मालिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय टैक्सी और ऑटो यूनियनों का कहना है कि एक तरफ कमाई पहले जैसी ही है, वहीं दूसरी तरफ हर हफ्ते ईंधन के दाम बढ़ने से उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। परिवहन व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने टैक्स कम करके कीमतों को नियंत्रित नहीं किया, तो वे बहुत जल्द माल ढुलाई के किराए में बढ़ोतरी करने पर मजबूर होंगे।

जमुई में नई मुसीबत: ₹200 से ज्यादा के पेट्रोल पर लगी रोक

इस भारी मूल्य वृद्धि और महंगाई के बीच राज्य के जमुई जिले से एक बेहद अजीब और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। जमुई के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर तेल की भारी किल्लत या डिपो से आपूर्ति में देरी का हवाला देते हुए पेट्रोल की अघोषित राशनिंग शुरू कर दी गई है। जिले के कुछ चुनिंदा पंपों पर अब प्रति वाहन केवल 200 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। यदि कोई ग्राहक अपनी बाइक या गाड़ी की टंकी पूरी भरवाने (फुल टैंक) की मांग करता है या 200 रुपये से अधिक का तेल मांगता है, तो पेट्रोल पंप कर्मी सीधे तौर पर मना कर रहे हैं। पंप संचालकों का तर्क है कि उनके पास स्टॉक बेहद सीमित है और वे चाहते हैं कि पंप पर आने वाले हर जरूरतमंद को थोड़ा-बहुत तेल मिल सके, ताकि किसी की गाड़ी रास्ते में खड़ी न हो।

पंपों पर अफरा-तफरी और ग्राहकों का हंगामा

जमुई प्रशासन और पेट्रोल पंप मालिकों के इस मनमाने फैसले के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो लोग रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं या व्यावसायिक कार्यों से जुड़े हैं, उनके लिए केवल 200 रुपये का पेट्रोल नाकाफी साबित हो रहा है। इस अव्यवस्था के कारण जमुई के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सीमित मात्रा में तेल मिलने और भीषण गर्मी के कारण वाहन चालकों का धैर्य जवाब दे रहा है, जिसके चलते पेट्रोल पंप कर्मियों और ग्राहकों के बीच तीखी नोकझोंक, गाली-गलौज और भारी हंगामे की तस्वीरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस राशनिंग को तुरंत खत्म कराया जाए और पेट्रोल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

अन्य आवश्यक वस्तुओं के महंगे होने की आशंका

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही हफ्ते में दो बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ना बेहद चिंताजनक है। इसका सीधा असर केवल वाहन चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रकों का किराया बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप आने वाले दो-चार दिनों के भीतर ही स्थानीय मंडियों में हरी सब्जियों, फल, दूध, दवाइयां और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भी तेजी आना तय है। इसके अलावा, वर्तमान मौसम में किसानों को सिंचाई के लिए भी डीजल इंजनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे खेती की लागत भी बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर देखा जाए तो तेल की इस महंगाई ने बिहार के आम नागरिकों की कमर तोड़ कर रख दी है और लोग अब सरकार से टैक्स में कटौती कर राहत देने की गुहार लगा रहे हैं।

Share This Article