BNT Desk: बिहार में आग और किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बिहार की अग्निशमन सेवा को पूरी तरह से हाईटेक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से सूबे को 80 नई अत्याधुनिक अग्निशमन गाड़ियों की सौगात मिली है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन सभी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन नई गाड़ियों के बेड़े में विशेष रूप से ‘हाइड्रोलिक फायर टेंडर’ शामिल किए गए हैं, जो बहुमंजिला और ऊंची इमारतों में लगने वाली आग को बुझाने तथा वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने (रेस्क्यू) में बेहद कारगर साबित होंगे। गांधी मैदान से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद इन सभी गाड़ियों को बिहार के अलग-अलग जिलों में तैनात करने के लिए रवाना कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी।
पूर्व सीएम नीतीश कुमार के प्रयासों को बढ़ाया आगे
गांधी मैदान में मौजूद जनसभा और अग्निशमन कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अग्निशमन विभाग के जवान किसी वीर योद्धा से कम नहीं हैं। वे अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की तारीफ करते हुए कहा कि आज जो व्यवस्थाएं दिख रही हैं, वे नीतीश कुमार के अथक प्रयासों का ही परिणाम हैं।
“मंत्री विजय चौधरी जी ने बिल्कुल ठीक कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का जो प्रयास रहा है, वह आज साफ-साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने बिहार की सुरक्षा और विकास के लिए जो मजबूत व्यवस्था तैयार की थी, हमारी सरकार उसी व्यवस्था को पूरी तत्परता के साथ आगे बढ़ाने का काम कर रही है।” — सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
डीजी शोभा अहोतकर की थपथपाई पीठ,
समारोह के दौरान अग्निशमन विभाग के जवानों ने आधुनिक उपकरणों के साथ एक लाइव प्रदर्शनी (मॉक ड्रिल) भी दिखाई, जिसमें यह प्रदर्शित किया गया कि भीषण आग या आपदा के समय किस तरह त्वरित कार्रवाई कर लोगों की जान बचाई जाती है।
मुख्यमंत्री ने इस शानदार प्रदर्शन के लिए होमगार्ड और फायर सर्विसेज की महानिदेशक (DG) शोभा अहोतकर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि डीजी साहिबा ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से पूरी टीम को प्रशिक्षित किया है। सीएम ने विशेष रूप से विभाग में तैनात महिला कर्मियों (बहनों) और नौजवान साथियों के हौसले को सराहा, जो कंधे से कंधा मिलाकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी CISF सेंटर की मंजूरी
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक और बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के लिए 1 हजार लोगों की क्षमता वाले एक नए सीआईएसएफ (CISF) सेंटर को खोलने की मंजूरी (अप्रूवल) दे दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र से गया जिले में भी एक अतिरिक्त सीआईएसएफ सेंटर स्थापित करने का विशेष अनुरोध किया है, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
बिहार में आएगा 5 लाख करोड़ का निवेश,
मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “मुझे मुख्यमंत्री बने हुए अभी मात्र 1 महीना और 3 दिन का समय हुआ है। इस छोटे से कार्यकाल में ही देश-विदेश के कई बड़े उद्योगपतियों ने बिहार का रुख करना शुरू कर दिया है। हमारा लक्ष्य राज्य में करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश (इन्वेस्टमेंट) को धरातल पर उतारना है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके।”
उद्योगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बिहार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार ने पुलिस प्रशासन के हाथों को पूरी तरह खोल दिया है। पुलिस बिना किसी दबाव के अपराधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है, और कोई भी कानून तोड़ने वाला बच नहीं पाएगा।
लापरवाह अधिकारियों को अल्टीमेटम:
मुख्यमंत्री ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए अधिकारियों को बेहद कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में अब जनता के काम को ‘लटकाना और झटकना’ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि कल से राज्य में एक विशेष ‘सहयोग कार्यक्रम’ शुरू हो रहा है, जिसके तहत वे खुद ग्राउंड जीरो पर उतरेंगे। वे स्वयं कल सोनपुर के एक प्रखंड में जाकर सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी 30 दिनों के भीतर आम जनता की समस्याओं का निपटारा नहीं करता है, तो 31वें दिन उसे बिना किसी स्पष्टीकरण के सीधे सस्पेंड (निलंबित) कर दिया जाएगा।