BNT Desk: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को दरभंगा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। गांधी जयंती के दिन दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा, ट्रैफिक प्रतिबंध और मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद किए जाने को लेकर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। पप्पू यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के बीच इस तरह की पाबंदियों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं
दिल्ली में 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन प्रस्तावित है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के आयोजन से जुड़े लोगों में AISA, RJD सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई नाम शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के मध्य इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग के साथ-साथ कई स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करने के इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं।
11 मेट्रो स्टेशनों पर बंद रहा प्रवेश-निकास
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने 2 अक्टूबर को 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अगली सूचना तक बंद कर दिया। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं। हालांकि कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।
आम लोगों की आवाजाही पर पप्पू यादव ने उठाए सवाल
पप्पू यादव ने मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती जैसे दिन राजधानी में आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होना गंभीर विषय है। उनके मुताबिक, किसी भी प्रदर्शन या सुरक्षा व्यवस्था के बीच आम नागरिकों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
पूर्णिया सांसद ने दिल्ली में महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रतिबंधों का आधार प्रस्तावित प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बताया गया है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर विवाद
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का Special Intensive Revision यानी SIR है। प्रदर्शनकारी और विपक्षी नेता SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया का असर मतदाताओं के नाम और मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के तहत बताया गया है।
मताधिकार को लेकर पप्पू यादव ने जताई चिंता
पप्पू यादव ने चुनावी प्रक्रिया और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों के वोट के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, यह विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग का अपना पक्ष है और दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग संदर्भ में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ मुद्दे का किया जिक्र
पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। पप्पू यादव ने फॉर्म-7 और कथित सॉफ्टवेयर सहयोग से जुड़े सवालों की जांच और जवाबदेही की मांग भी रखी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में उठ रहे सवाल
पूर्णिया सांसद के मुताबिक चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में आवाज उठाई जा रही है। दिल्ली का प्रस्तावित प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा है। प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने BNSS की धारा 163 लागू की
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी संभावित अप्रिय स्थिति को रोकना बताया गया है।
लोकतांत्रिक अधिकार और कानून-व्यवस्था पर बहस
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर एक तरफ प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन प्रदर्शन की अनुमति, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अपने प्रतिबंधात्मक कदमों को उचित बता रहा है। पप्पू यादव ने इसी संदर्भ में आम लोगों की आवाजाही और मताधिकार से जुड़े सवाल उठाए हैं। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस फिलहाल जारी है।