जंतर-मंतर पर SIR के खिलाफ प्रदर्शन, मनोज झा समेत कई नेता हिरासत में; दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी

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BNT Desk: गांधी जयंती के दिन यानी 2 अक्टूबर को दिल्ली का जंतर-मंतर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शन का आह्वान All India Students’ Association (AISA), RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य सामाजिक एवं छात्र संगठनों की ओर से किया गया है। आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग उठाई है।

 

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च की अनुमति नहीं दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा बढ़ाई गई। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और यातायात को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं।

 

मनोज झा के पहुंचने से बढ़ी हलचल

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए RJD सांसद मनोज झा के जंतर-मंतर पहुंचने की खबर सामने आई। उनके साथ अन्य नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन स्थल की ओर पहुंचे। पुलिस की कार्रवाई के बीच कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में मनोज झा की हिरासत को लेकर अलग-अलग समय की जानकारी सामने आई है, इसलिए इस खबर में उनकी हिरासत को पुलिस की कार्रवाई के व्यापक संदर्भ में रखा जा रहा है।

 

‘क्या प्रदर्शन के लिए भी अनुमति चाहिए?’—मनोज झा

जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान मनोज झा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “क्या प्रदर्शन के लिए भी अनुमति चाहिए? आखिर यह गांधी का देश है। आज गांधी जयंती है।” उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही। इससे पहले 30 सितंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी झा ने कहा था कि यह मुद्दा केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच का विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा मामला है।

 

SIR को लेकर प्रदर्शनकारियों के क्या आरोप हैं

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का Special Intensive Revision यानी SIR है। आयोजकों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम प्रभावित हुए हैं और इससे नागरिकों के मतदान के अधिकार को लेकर सवाल खड़े होते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में अधिक जवाबदेही की मांग भी उठाई है। ये आरोप प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों और नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

 

चुनाव आयोग की प्रक्रिया भी चर्चा में

चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 के लिए मतदाताओं को अपने नाम की जानकारी देखने और संबंधित दस्तावेज जमा करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। आयोग की वेबसाइट पर SIR से जुड़े नागरिक सेवा विकल्प भी दिए गए हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी SIR की प्रक्रिया और उसके प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में विवाद का एक प्रमुख हिस्सा मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसके क्रियान्वयन से जुड़ा है।

 

दिल्ली में धारा 163 लागू

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। पुलिस ने जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक संभावित भीड़ को देखते हुए एहतियाती सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग भी की है।

 

11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद

सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद किया गया। रिपोर्टों के अनुसार जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, INA और नई दिल्ली समेत 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश-निकास पर प्रतिबंध लगाया गया, जबकि कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा जारी रही।

 

मध्य दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

जंतर-मंतर के आसपास संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी कई इलाकों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया। कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, टॉल्स्टॉय मार्ग और आसपास के प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई। लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

 

देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रदर्शन

SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन की घोषणाएं की गई हैं। मुंबई में भी अलग संगठन ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। वहीं विपक्षी दलों और विभिन्न छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग कार्यक्रम घोषित किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार INDIA ब्लॉक ने भी 2 से 8 अक्टूबर के बीच विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कार्यक्रमों की घोषणा की है।

 

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर जारी बहस

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और पुलिस की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारी इसे अपने मुद्दे उठाने का अधिकार बता रहे हैं, जबकि पुलिस की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के आधार पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस बीच प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है और पुलिस की कार्रवाई के बीच कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।

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