BNT Desk: देशभर में 4 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा में इस बार रिकॉर्ड 97 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई. लेकिन इस विशाल आयोजन के बीच सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कई गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा किया है.
AI और सीसीटीवी ने पकड़ी चोरी
इस बार परीक्षा की निगरानी केवल मानवीय स्तर पर नहीं, बल्कि AI आधारित सिस्टम से की गई.
-
फेस रिकॉग्निशन: AI टूल्स के जरिए उम्मीदवारों के चेहरे की पहचान की गई, जिससे असली और फर्जी अभ्यर्थी के बीच का फर्क पकड़ा गया.
-
व्यवहार विश्लेषण: संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान उनके व्यवहार के आधार पर की गई है. परीक्षा के दौरान अनुचित इशारे करने, बार-बार इधर-उधर देखने या अन्य परीक्षार्थियों से संपर्क करने की कोशिश करने वालों को सिस्टम ने तुरंत चिन्हित कर लिया.
-
कुल संदिग्ध: अब तक 150 से अधिक ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान हो चुकी है, जिनकी गतिविधियां सामान्य मानकों से अलग पाई गई हैं.
परीक्षा केंद्रों से क्या-क्या मिला?
विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं:
-
फर्जी परीक्षार्थी: कुछ केंद्रों पर दूसरे की जगह परीक्षा देने (सॉल्वर गैंग) के मामले पकड़े गए हैं.
-
एडमिट कार्ड में छेड़छाड़: पहचान छिपाने के लिए एडमिट कार्ड में फोटो या नाम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई.
-
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: केंद्रों से मोबाइल फोन के उपयोग जैसे प्रतिबंधित मामले भी रिपोर्ट हुए हैं.
-
संवेदनशील इलाके: विशेष रूप से राजस्थान के अजमेर और छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्र बदलने और फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है, जिसे लेकर जांच टीमें सक्रिय हैं.
एनटीए की बहुस्तरीय सुरक्षा रणनीति
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी.
-
सोशल मीडिया पर नजर: परीक्षा के दौरान प्रश्न-पत्र लीक या फर्जी खबरों को रोकने के लिए 75 से अधिक टेलीग्राम चैनलों पर लगातार निगरानी रखी गई थी.
-
पहचान की असंगति: जांच के दौरान कई मामलों में अभ्यर्थी के पहचान पत्र और वास्तविक चेहरे के बीच अंतर (Mismatch) पाया गया है.
अधिकारियों की चेतावनी:
एनटीए और संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित किए गए 150 से अधिक अभ्यर्थियों से जल्द ही कड़ी पूछताछ की जाएगी.
-
कड़ी जांच: यदि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित अभ्यर्थियों पर तत्काल कार्रवाई होगी.
-
सख्त सजा: दोषियों को न केवल वर्तमान परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा, बल्कि उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं से हमेशा के लिए वंचित (Debar) भी किया जा सकता है.
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने इस बार परीक्षा माफियाओं के लिए राह मुश्किल कर दी है. AI आधारित निगरानी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक युग में नियमों का उल्लंघन करना अब नामुमकिन होता जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी निर्दोष छात्र को परेशान नहीं करेंगे, लेकिन गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.