शेयर बाजार: निफ्टी 25,450 के नीचे फिसला, सेंसेक्स 1,000 अंक टूटा

घरेलू शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,041 अंक टूटकर 82,252 पर और निफ्टी 25,416 पर पहुंच गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही, जिससे बाजार दबाव में आ गया। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे और बाजार की चौड़ाई भी कमजोर दिखी।

BNT
By
3 Min Read

BNT Desk: घरेलू शेयर बाजार में आज जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। लगातार दो सत्र की बढ़त के बाद बाजार ने अपनी सारी कमाई गंवा दी। आईटी और बड़े ब्लूचिप शेयरों में बिकवाली के चलते सूचकांक दिन के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

BSE Sensex करीब 1.3 प्रतिशत या 1,041 अंक गिरकर 82,252 के स्तर तक आ गया। वहीं NSE Nifty 50 1.2 प्रतिशत टूटकर 25,416 पर पहुंच गया और अपने अहम सपोर्ट लेवल 25,450 के नीचे फिसल गया। यह स्तर तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इसके नीचे जाने से बाजार में और कमजोरी का संकेत मिल रहा है।

आईटी शेयरों में भारी दबाव

आज की गिरावट में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। Infosys, Larsen & Toubro और Bharti Airtel जैसे दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। एनएसई के 15 सेक्टोरल इंडेक्स में से 13 लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। NSE Nifty IT Index में लगभग 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में है। निफ्टी 500 इंडेक्स में शामिल कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी दिखी। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स करीब 7 प्रतिशत तक गिरा, जबकि कोफोर्ज और टेक महिंद्रा में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट रही।

बाजार की चौड़ाई कमजोर

बाजार की चौड़ाई पूरी तरह से बिकवालों के पक्ष में है। एनएसई पर करीब 2,823 शेयर गिरावट में हैं, जबकि केवल 1,142 शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे हैं। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक स्तर पर हो रही है। हालांकि, फार्मा सेक्टर में हल्की मजबूती देखी गई। निफ्टी फार्मा इंडेक्स लगभग 0.2 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है।

एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिका में टैरिफ को लेकर नई चिंताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सॉफ्टवेयर कंपनियों पर संभावित असर की आशंका ने निवेशकों की भावना को प्रभावित किया हैअब बाजार की नजर आने वाले सत्रों और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।

Share This Article