अंबानी की सड़कें, बकरी पालन पर सियासत, बिहार विधानसभा में रोजगार से लेकर एनकाउंटर तक घमासान

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विपक्षी दलों ने रोजगार, अपराध और कथित 'जाति आधारित एनकाउंटर' को लेकर सरकार को घेरा। जहां आरजेडी ने महिला उद्यमिता योजनाओं पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने 3.47 लाख करोड़ के रिकॉर्ड बजट और 1 करोड़ नौकरियों के लक्ष्य के साथ विकास का रोडमैप पेश किया।

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BNT Desk: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का सातवां दिन काफी हंगामेदार रहा। सदन के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रोजगार के मुद्दे पर चर्चा के दौरान RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में बड़ी सड़कें तो अंबानी-अडानी बना रहे हैं, लेकिन यहां की महिलाओं को सिर्फ बकरी और मुर्गी पालने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। वहीं, सदन के बाहर विपक्ष ने प्रदेश में बढ़ रहे एनकाउंटर और अपराध को लेकर जमकर नारेबाजी की।

‘अंबानी बना रहे सड़कें, महिलाएं चरा रहीं बकरी’

सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर बहस छिड़ी। आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस लायक बनाया जाना चाहिए था कि वे भी राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में हिस्सा ले सकें। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मैं बिहार में इसलिए नहीं जन्मा था कि सरकार मुझे सूअर पालने के लिए 10 हजार रुपये दे।” इसके जवाब में बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने लालू यादव के ‘चरवाहा स्कूल’ की याद दिलाते हुए पलटवार किया और कहा कि आज गरीबों के घर में लालटेन की जगह एलईडी बल्ब जल रहे हैं।

205 करोड़ के घोटाले की आशंका और आवास योजना पर रोक

सदन में भ्रष्टाचार और योजनाओं की सुस्त रफ्तार का मुद्दा भी छाया रहा। वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने योजनाओं में करीब 205 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई। उन्होंने दावा किया कि कई योजनाएं कागजों पर डबल दिखाई जा रही हैं। दूसरी ओर, मंत्री श्रवण कुमार ने स्वीकार किया कि ‘स्टेट नोडल अकाउंट’ न बन पाने की वजह से केंद्र से प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि रुकी हुई है। इसके लिए सरकार ने अब 31 मार्च तक का समय मांगा है ताकि 12 लाख अधूरे घरों का काम पूरा किया जा सके।

एनकाउंटर पर राजनीति: ‘जाति देखकर हो रही कार्रवाई’

सदन के बाहर का माहौल भी काफी गर्म रहा। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘जाति देखकर’ एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी हर जाति में होते हैं, लेकिन सरकार एक खास समुदाय को निशाना बना रही है। हाल ही में हुए 10 एनकाउंटर की लिस्ट का हवाला देते हुए विपक्ष ने सरकार को ‘तानाशाही’ बताया। हालांकि,JDU नेता श्याम रजक ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और उन्हें बिहार छोड़ना ही होगा।

शराब तस्करी और अपराध पर सख्ती की मांग

सीमावर्ती इलाकों से हो रही शराब और ड्रग्स की तस्करी पर भी विधायकों ने चिंता जताई। नेपाल और यूपी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाने की मांग की गई। जवाब में सरकार ने बताया कि अब तक लाखों लोगों की गिरफ्तारी हुई है और चेकपोस्ट पर निगरानी और तेज की जाएगी। इसके अलावा, राजस्व विभाग में आए 46 लाख आवेदनों और जमीन विवादों को सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर खोलने की बात भी कही गई ताकि विधवाओं और गरीबों की हड़पी गई जमीन वापस दिलाई जा सके।

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