मद्य निषेध व निबंधन विभाग का बजट बढ़ा, योजना मद में बड़ी बढ़ोतरी

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का बजट बढ़कर 742 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। योजना मद 7 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ किया गया। ई-निबंधन से जमीन, फ्लैट और विवाह रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होंगे। 150 कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए गए। नीरा उत्पादन और वैकल्पिक रोजगार योजनाओं पर भी जोर दिया गया।

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BNT Desk: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का बजट इस वर्ष करीब 50 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है। पिछले साल विभाग का कुल बजट 692 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 742 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। खास बात यह है कि योजना मद में बजट राशि दोगुना से भी ज्यादा कर दी गई है। पहले योजना मद में 7 करोड़ रुपये थे, जिसे बढ़ाकर अब 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे विभाग की योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।

ई-निबंधन से ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार

विभाग का मुख्य फोकस निबंधन सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने पर है। इसके लिए सभी निबंधन कार्यालयों में नया ई-निबंधन सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था के जरिए लोग जमीन, फ्लैट, विवाह और सोसाइटी से जुड़े निबंधन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे लोगों को कार्यालय के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और काम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

कार्यालयों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत

निबंधन कार्यालयों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 150 कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है। इससे कामकाज पर नजर रखने और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ने में मदद मिलेगी।

नीरा उत्पादन और वैकल्पिक रोजगार पर जोर

मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग नीरा उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत ताड़ छेवकों और ताड़ पेड़ मालिकों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही शराब और ताड़ी के पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों के लिए मद्यनिषेध लागू होने के बाद सतत जीविकोपार्जन योजना भी चलाई जा रही है, ताकि उन्हें स्थायी रोजगार मिल सके।

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