हथकड़ी लगाकर क्यों पहुंचे छात्र परीक्षा देने? बिहार इंटर एग्जाम से सामने आई जहानाबाद की चौंकाने वाली तस्वीर

बिहार के जहानाबाद में पुलिस पर हमले के आरोपी दो छात्र हथकड़ी पहनकर इंटर की परीक्षा देने पहुंचे। कोर्ट की अनुमति के बाद पुलिस इन्हें जेल से सीधे एग्जाम सेंटर लाई थी। पेपर खत्म होने के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

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BNT Desk: बिहार में सोमवार से इंटरमीडिएट की परीक्षा का आगाज़ हो गया है। राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सबको हैरान कर दिया। जहानाबाद जिले के शकुराबाद स्थित परीक्षा केंद्र पर दो छात्र एग्जाम देने पहुंचे, लेकिन उनके हाथ खाली नहीं थे। उनके एक हाथ में एडमिट कार्ड और पेन था, तो दूसरे हाथ में पुलिस की हथकड़ी लगी हुई थी। पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच इन छात्रों ने अपनी पहली पाली की परीक्षा दी और पेपर खत्म होते ही उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।

क्यों लगी थी हाथों में हथकड़ी?

हथकड़ी लगाकर परीक्षा देने पहुंचे इन छात्रों की पहचान आसिफ अंसारी और बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। दरअसल, ये दोनों छात्र कोई मामूली अपराधी नहीं बल्कि पुलिस पर हमला करने के आरोपी हैं। कुछ दिनों पहले जहानाबाद के गुलाबबाग में कोर्ट के आदेश पर पुलिस अवैध कब्जा हटाने गई थी। वहां पुलिस टीम पर पथराव हुआ और सरकारी जीप में तोड़फोड़ की गई। इसी मामले में इन दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। परीक्षा देने के लिए इन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई थी, जिसके बाद इन्हें कड़ी सुरक्षा में एग्जाम सेंटर लाया गया।

छात्रों ने खुद को बताया बेकसूर

परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य परीक्षार्थी और शिक्षक भी इस नजारे को देखकर दंग रह गए। पुलिस की कस्टडी में एग्जाम देने आए छात्रों का कहना है कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे केवल कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। जैसे ही परीक्षा की पहली शिफ्ट खत्म हुई, पुलिस कर्मियों ने उन्हें तुरंत जीप में बिठाया और वापस न्यायिक हिरासत में जेल ले गए। यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

परीक्षा के पहले दिन का हाल

बता दें कि इस साल बिहार में 13 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी इंटर की परीक्षा दे रहे हैं। पहले दिन प्रशासन काफी सख्त नजर आया। पटना से लेकर जहानाबाद तक कई केंद्रों पर एक मिनट की देरी से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। कई छात्राएं गेट के बाहर फूट-फूटकर रोती नजर आईं, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए चेकिंग और सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

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