बिहार: चक्रवात अर्नब का असर, पटना समेत 13 जिलों में आंधी-वज्रपात की चेतावनी; 4 जिलों में भारी बारिश के आसार

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BNT Desk: बिहार में चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने बुधवार, 28 अक्टूबर को पटना समेत दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के 13 जिलों में तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। वहीं, आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। भभुआ, गया, नवादा और रोहतास में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव के बीच लोगों को सावधानी बरतने और किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

 

पटना समेत 13 जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को बिहार के दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व हिस्सों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। पटना, नालंदा, गया, नवादा, लखीसराय, शेखपुरा, जहानाबाद, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ बादल गरजने और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, सभी जिलों में बारिश की तीव्रता एक जैसी रहने का अनुमान नहीं है। कुछ क्षेत्रों में केवल बादल छाने और तेज हवा चलने की स्थिति बन सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर बारिश और वज्रपात का असर अधिक हो सकता है।

 

28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। चक्रवाती तूफान अर्नब और उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य में नमी बढ़ने और बादल बनने की संभावना है। इस अवधि में कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि चुनिंदा स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम का प्रभाव जिले और समय के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक जिले के पूर्वानुमान को पूरे बिहार पर लागू मानना सही नहीं होगा। लोगों को अपने क्षेत्र के लिए जारी ताजा मौसम चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए।

 

भभुआ, गया, नवादा और रोहतास में भारी बारिश की संभावना

आने वाले दिनों में भभुआ, गया, नवादा और रोहतास में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में बारिश के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है। तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है और ग्रामीण तथा शहरी सड़कों पर आवागमन में परेशानी आ सकती है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर खुले इलाकों, खेतों और ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए जहां बिजली गिरने या तेज हवा के कारण खतरा बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश के साथ हवा की गति भी बढ़ सकती है। ऐसे में पेड़ों के नीचे खड़े होने, कमजोर छतों के आसपास रहने और खुले मैदानों में रुकने से बचना जरूरी है।

 

45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना भी जताई है। मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चलने से लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं। अस्थायी ढांचे, टीन की छतें, होर्डिंग और खुले में रखी हल्की वस्तुएं भी प्रभावित हो सकती हैं। बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले स्थानों पर रहना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मौसम में लोगों को पक्के भवन के भीतर रहने की सलाह दी जाती है। यदि बाहर हों और अचानक तेज आंधी या बिजली चमकने लगे, तो सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए।

गुरुवार के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार के बाद बिहार के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बारिश और बादलों की वजह से दिन के समय गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। अगले एक सप्ताह के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। तापमान में यह बदलाव बारिश की स्थिति और स्थानीय मौसम पर निर्भर करेगा। दिन और रात के तापमान में अंतर बने रहने से लोगों को सुबह और रात के समय अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हो सकती है। हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरे राज्य में एक साथ ठंड बढ़ जाएगी। मौसम की स्थिति अलग-अलग जिलों में अलग रह सकती है।

पिछले 24 घंटे में सुपौल सबसे गर्म, किशनगंज में सबसे कम न्यूनतम तापमान

पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहा। इस अवधि में राज्य के तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सुपौल में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, किशनगंज में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है। इस दौरान भोजपुर में 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सबसे तेज हवा दर्ज की गई। आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण हवा की गति और बारिश में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों का पूर्वानुमान देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। खासकर वज्रपात की चेतावनी वाले क्षेत्रों में मौसम खराब होने पर खुले में काम करने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचना बेहतर होगा।

 

किसानों को पकी हुई फसल सुरक्षित रखने की सलाह

चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। इस समय खरीफ फसलों की कटाई का काम कई क्षेत्रों में चल रहा है। ऐसे में बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में तैयार फसल को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पककर तैयार हो चुकी है, उसकी कटाई कर उसे सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखा जाए। खेतों में काटकर रखी गई फसल को लंबे समय तक खुले में छोड़ने से बचना चाहिए। यदि फसल को खुले स्थान पर सुखाया जा रहा है, तो उसे तिरपाल या किसी अन्य उपयुक्त साधन से ढककर सुरक्षित रखना चाहिए। बारिश के कारण फसल भीगने पर उसे सुखाने और भंडारण में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए किसानों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर कटाई और भंडारण की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

 

खराब मौसम में कटाई रोकने की भी सलाह

मौसम विभाग ने कहा है कि यदि मौसम प्रतिकूल हो और तत्काल कटाई जरूरी न हो, तो किसान कुछ समय के लिए काम रोक सकते हैं। मौसम साफ होने के बाद ही कटाई शुरू करना अधिक सुरक्षित रहेगा। खेतों में काम करने वाले किसानों को मेघगर्जन और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचना चाहिए। तेज हवा चलने या बारिश शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। कटी हुई फसल, कृषि उपकरण और अन्य सामान को भी सुरक्षित जगह पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। किसानों के लिए समय पर मौसम की जानकारी लेना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि कुछ घंटों में मौसम की स्थिति बदल सकती है। जिला स्तर पर जारी चेतावनी के अनुसार काम करने से फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

 

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत, ताजा अलर्ट पर रखें नजर

बिहार में चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर रखना जरूरी है। 28 अक्टूबर को 13 जिलों में तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी है, जबकि आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने, पेड़ों के नीचे रुकने और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवा के समय ढीली वस्तुओं और अस्थायी ढांचों से भी दूरी बनाए रखना बेहतर है। किसानों को पकी फसल की कटाई, सुरक्षित भंडारण और खुले में रखी उपज को ढकने की व्यवस्था पहले से कर लेनी चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए यात्रा, खेती और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने से पहले अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान जरूर देखना चाहिए।

 

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