BNT Desk : बिहार की जीविका दीदियों के लिए कारोबार बढ़ाने के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। राज्य की करीब 2 लाख महिलाओं को जीविका निधि के माध्यम से लोन देने की योजना है। इसके लिए अगले तीन से चार महीनों में राशि उनके बैंक खातों में भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं, जीविका दीदियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बिहार सरकार विश्व बैंक से 3,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक मदद के साथ अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ट्रायल में 8 हजार जीविका दीदियों ने लौटाया पूरा लोन
जीविका निधि के तहत पहले चरण में 8 हजार जीविका दीदियों को ट्रायल के तौर पर लोन दिया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं ने लोन की पूरी राशि वापस कर दी। इसी अनुभव के आधार पर अब इस सुविधा का विस्तार करते हुए करीब 2 लाख महिलाओं तक पहुंचाने की तैयारी है।इस योजना से उन महिलाओं को मदद मिल सकती है, जो अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहती हैं या पहले से चल रहे काम को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत महसूस कर रही हैं। लोन की मदद से महिलाएं कच्चा माल खरीदने, उपकरण जुटाने और कारोबार से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम कर सकती हैं।
हालांकि, लोन की राशि, ब्याज दर, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत शर्तों की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
जीविका बाजार और हाट से महिलाओं को मिलेगा बिक्री का मंच
जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार विकसित करने की योजना है। इसके तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘जीविका बाजार’ शुरू करने के साथ प्रखंड और जिला स्तर पर जीविका हाट तथा जीविका मार्केट बनाए जाने की तैयारी है।इन सुविधाओं का उद्देश्य महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के बेहतर अवसर देना है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले सामान को बाजार मिल सकता है और महिलाओं को अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
बिहार सरकार की योजना के अनुसार, बाजार और दूसरी जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए विश्व बैंक से 3,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। इस राशि के इस्तेमाल और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता
जीविका दीदियों से जुड़ी एक अन्य पहल के तहत मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं को 30 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि देने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए जीविका में प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है।इस सहायता का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद करना है। हालांकि, यह राशि किन महिलाओं को मिलेगी, इसके लिए क्या शर्तें होंगी और भुगतान कब किया जाएगा, इसकी पुष्टि आधिकारिक दिशा-निर्देशों से करना जरूरी होगा।
सिलाई से लेकर दीदी की रसोई तक चला रहीं कारोबार
बिहार में जीविका दीदियां कई तरह की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। इनमें सिलाई, दीदी की रसोई, हाउसकीपिंग, नर्सरी संचालन, चाय और बैग निर्माण जैसे कारोबार शामिल हैं। कुछ महिलाएं कंपनियों का संचालन भी कर रही हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 70 से अधिक कंपनियों का नेतृत्व जीविका दीदियां कर रही हैं। इनमें कुछ कंपनियों का कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। ऐसे उदाहरण बताते हैं कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं छोटे स्तर से कारोबार शुरू कर उसे बड़े व्यवसाय में बदलने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
अब तक 90 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का दावा
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जीविका दीदियों को अब तक करीब 75 हजार करोड़ रुपये का लोन दिया जा चुका है। इसमें से लगभग 99 प्रतिशत ऋण राशि वापस किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा जीविका परियोजना के माध्यम से समूहों को करीब 15 हजार करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।इस तरह लोन और परियोजना के जरिए कुल लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
नई योजना के तहत अब महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ बाजार, बिक्री और कारोबार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो इससे बिहार की जीविका दीदियों को अपना कारोबार शुरू करने और उसका विस्तार करने के नए अवसर मिल सकते हैं।