BNT Desk: बिहार सरकार शहरों से निकलने वाले कचरे को केवल सफाई की समस्या के तौर पर नहीं, बल्कि आय के स्रोत के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गांधी जयंती के मौके पर पटना के बापू टावर में आयोजित कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन, ग्रीन एनर्जी और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पटना में कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और रिसाइक्लिंग के जरिए करीब 50 करोड़ रुपये सालाना आय का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी को मंजूरी
राज्य सरकार ने बिहार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी है। 30 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में नीति को स्वीकृति दी गई थी। इसके तहत ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा देने, निजी निवेश आकर्षित करने और कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 16 हजार करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 12 हजार रोजगार की संभावना जताई गई है।
कृषि फीडरों का सोलराइजेशन
कृषि क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि फीडरों के लिए सरकार की ओर से 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती और सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध कराना और ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी खर्च को कम करना है। हालांकि, 30 सितंबर को कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए एक अलग पैकेज में शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 2,761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 2,585 MW क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने हैं।
38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में ₹10 शुल्क
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में ₹10 शुल्क निर्धारित किया गया है। सरकार की ओर से इसे तकनीकी शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की पहल के तौर पर बताया गया है। इसके अलावा राज्य में 700 मॉडल स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जहां करीब 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन विद्यार्थियों को ‘विद्यार्थी साथी एप’ के जरिए 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
बिहार की संस्कृति और विरासत पर भी जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा के साथ बिहार की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बापू टावर को महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को समझने का केंद्र बताया। कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री से सम्मानित ceramic artist ब्रह्मदेव पंडित द्वारा बनाई गई गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इसके साथ ही बापू टावर की online ticketing system शुरू की गई और ‘सत्याग्रह’ पत्रिका का विमोचन किया गया।
गांधी के विचारों को विकास से जोड़ने की बात
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता के विचारों का उल्लेख करते हुए इन्हें दैनिक जीवन और विकास योजनाओं से जोड़ने की बात कही। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, गांधीवादी विचारक रामजी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और बापू टावर के निदेशक विनय कुमार समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में परिवर्तन समूह के कलाकारों ने गांधी भजन और लोकगीत भी प्रस्तुत किए।