बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंडक-गंगा समेत कई नदियां उफान पर; कई जिलों में सड़कें और गांव जलमग्न

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BNT Desk: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से उत्तर बिहार के कई जिले प्रभावित हैं। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में कई जगहों पर बाढ़ का पानी सड़क, खेत, गांव और स्कूलों तक पहुंच गया है। गंडक नदी के कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए संवेदनशील तटबंधों की सुरक्षा के लिए रात में भी विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है।

 

मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में नदियां खतरे के निशान से ऊपर

मुजफ्फरपुर के रेवा घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं कांटी में बूढ़ी गंडक नदी 1.05 मीटर ऊपर बह रही है। समस्तीपुर के सरारी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर दर्ज किया गया है। मोहिउद्दीननगर के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कुछ विद्यालय भी पानी से प्रभावित हुए हैं।

 

गोपालगंज में राम-जानकी पथ पर तीन फीट पानी

गोपालगंज में पूर्वी चंपारण और सारण को जोड़ने वाले राम-जानकी पथ पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है। फैजुल्लाहपुर से शीतलपुर जमींदारी बांध तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क पानी में डूबी हुई है। इससे लोगों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है।

 

पश्चिम चंपारण में कई गांवों का संपर्क प्रभावित

पश्चिम चंपारण के गोलाघाट में टूटे चंपारण तटबंध से निकला गंडक का पानी हरपुरवा होते हुए चंद्रावत इलाके में फैल रहा है। इसका असर बेतिया, बैरिया और नौतन के कई क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। बघमम्बरपुर में पइन काटे जाने के बाद तेज बहाव के कारण नीमुईया कुंड के पास पुलिया ध्वस्त हो गई। इसके चलते पुजहा-बेतिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और करीब 50 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

 

सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

बैरिया और नौतन क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। फुलियाखांड़ के सामने करीब 20 हजार लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। पूर्वी चंपारण के नवादा में करीब दो फीट पानी जमा है, जबकि केसरिया के मझरिया, कढ़ान समेत तीन गांवों में करीब पांच फीट तक पानी पहुंचने की सूचना है।

 

सारण में NDRF और SDRF की टीमें बढ़ाई गईं

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए सारण में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। जिले में पहले से NDRF की पांच और SDRF की तीन टीमें तैनात थीं। अब दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त टीमें भेजी जा रही हैं। बेतिया से NDRF की तीन, गोपालगंज से दो, भागलपुर से दो और सुपौल से एक टीम सारण भेजी जा रही है। वहीं मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से SDRF की चार टीमें पहुंचाई जा रही हैं। इसके बाद सारण में NDRF की कुल 12 और SDRF की सात टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटेंगी।

 

हेलिकॉप्टर से गिराए गए राशन पैकेट

सारण के जलमग्न इलाकों में वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। अब तक 3 हजार से अधिक राशन पैकेट गिराए जा चुके हैं। शाम तक 5 हजार और पैकेट पहुंचाए गए। विभिन्न जिलों से कुल 40 हजार राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 75 हजार पॉलिथीन शीट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को आपात स्थिति में सहायता के लिए राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क करने की अपील की गई है।

 

तटबंधों पर बढ़ा दबाव, रात में निगरानी

गंडक के जलस्तर और कई इलाकों में पानी के फैलाव को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर विभागीय टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और रात में भी पेट्रोलिंग की जा रही है। प्रशासन का फोकस तटबंधों की सुरक्षा के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और बचाव दल पहुंचाने पर है।

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