BNT Desk: बिहार में जीविका कार्यक्रम के 20 वर्ष पूरे होने के मौके पर JDU ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को सभी 38 जिलों में ‘नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम आयोजित किया। पटना स्थित JDU प्रदेश कार्यालय में हुए राज्यस्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन नीतीश कुमार ने किया। पार्टी की ओर से बताया गया कि 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.88 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं।
2006 में शुरू हुआ था जीविका कार्यक्रम
कार्यक्रम में JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के करीब एक साल बाद 2006 में विश्व बैंक की सहायता से जीविका कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना था। पिछले दो दशकों में जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों का विस्तार ग्रामीण बिहार के अलग-अलग हिस्सों में हुआ है। पार्टी के अनुसार, इन समूहों के जरिए महिलाएं बचत, सामूहिक गतिविधियों और आय से जुड़े विभिन्न कामों में भाग ले रही हैं।
कृषि से लेकर छोटे कारोबार तक जुड़ीं महिलाएं
जीविका से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, हस्तशिल्प और छोटे कारोबार जैसी गतिविधियों से जुड़ रही हैं। कार्यक्रम में इन गतिविधियों के जरिए महिलाओं के परिवार की आर्थिक भागीदारी बढ़ने की बात कही गई। JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि 2006 में शुरू हुआ जीविका कार्यक्रम अब 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के जरिए 1.88 करोड़ से ज्यादा महिलाओं तक पहुंच चुका है।
महिला शिक्षा और आरक्षण पर भी चर्चा
कार्यक्रम में महिला शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद महिलाओं को शिक्षा, सत्ता और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, 2006 में शुरू हुआ जीविका कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया गया।
सभी 38 जिलों में हुआ आयोजन
JDU ने ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम को सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रखा। पार्टी के अनुसार, 2 अक्टूबर को बिहार के सभी 38 जिलों में जीविका के 20 साल के सफर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अलग-अलग जिलों में जीविका दीदियों की भागीदारी के साथ उनके अनुभवों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े बदलावों को सामने रखने की तैयारी की गई थी। मुजफ्फरपुर में करीब 2 हजार जीविका दीदियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने की जानकारी पहले सामने आई थी। गया, खगड़िया और सीवान समेत कई जिलों में भी स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जीविका दीदियों के अनुभवों को बनाया गया केंद्र
‘नीतीश संवाद’ में जीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों को भी प्रमुखता दी गई। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनके कामकाज, आय और परिवार की आर्थिक गतिविधियों में आए बदलावों पर चर्चा की गई। JDU की ओर से इस आयोजन को जीविका के दो दशक के सफर को सामने रखने के साथ पार्टी और जीविका से जुड़ी महिलाओं के बीच संवाद के रूप में भी आयोजित किया गया।
पटना में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम
पटना में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता JDU की प्रदेश महासचिव डॉ. श्वेता विश्वास ने की। मंच संचालन प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनुप्रिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पल्लवी पटेल ने किया। कार्यक्रम में संजय झा, निशांत कुमार और उमेश कुशवाहा समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। इस आयोजन के जरिए JDU ने जीविका के 20 वर्षों के विस्तार, स्वयं सहायता समूहों और उनसे जुड़ी महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को चर्चा के केंद्र में रखा। 1.88 करोड़ से अधिक महिलाओं से जुड़ाव का आंकड़ा पार्टी द्वारा साझा किया गया है।