पटना: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर तेजस्वी का हमला, बोले- गिरफ्तारी नहीं हुई तो लंबी लड़ाई लड़ेंगे, जमुई मामले को लेकर मुख्यमंत्री पर भी लगाए आरोप

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BNT Desk: बिहार में चुनाव आयोग को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लोकतंत्र से जुड़ा है और इसे सभी के संज्ञान में आना चाहिए। तेजस्वी ने यह भी कहा कि अगर शुरुआत में गिरफ्तारी नहीं होती है तो अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

चुनाव आयोग के मुद्दे पर तेजस्वी का हमला

तेजस्वी यादव ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनकी पार्टी पहले भी बिहार के सभी जिलों में प्रदर्शन कर चुकी है। उनके मुताबिक, यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले समय में इसे और आगे बढ़ाया जाएगा। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर शुरुआत में गिरफ्तारी नहीं होती है तो अन्याय के खिलाफ लंबी लड़ाई चलेगी। तेजस्वी के बयान में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों को लेकर लगातार विरोध जारी रखने की बात कही गई।

 

जमुई मामले को लेकर मुख्यमंत्री पर लगाए आरोप

तेजस्वी यादव ने जमुई की नाबालिग पीड़िता के परिजनों से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात और उसके बाद सामने आई तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पॉक्सो एक्ट से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है और कानून सभी लोगों के लिए समान होना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि गरीब हो या अमीर, नेता हो या अधिकारी, प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री—कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन किया है और बिहार पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, तेजस्वी द्वारा लगाए गए इस आरोप को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इस बातचीत में किसी न्यायिक आदेश या पुलिस की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि सामने नहीं है।

 

POCSO Act के तहत कार्रवाई की मांग

तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई और अन्य स्थानों पर हुई घटनाओं में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री के खिलाफ इसी कानून के तहत कार्रवाई नहीं होगी तो फिर कानून की समानता का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को आरोपी नहीं बनाया जाएगा तो दूसरे लोगों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर भी सवाल उठेंगे। तेजस्वी ने दावा किया कि कानून सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए और किसी को पद के आधार पर अलग नहीं किया जा सकता। तेजस्वी ने यह भी कहा कि यदि बिहार पुलिस मुख्यमंत्री के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करती है तो उनकी पार्टी अदालत का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में बिहार पुलिस को भी पक्ष बनाया जाएगा।

 

सोशल मीडिया तस्वीर को बनाया आधार

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर उसके परिजनों के साथ सोशल मीडिया पर जारी की। उन्होंने कहा कि यह सबूत और एविडेंस है और इसी आधार पर मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ पहले से कई हत्या के मुकदमे हैं और सवाल उठाया कि पुलिस अब तक क्या कार्रवाई कर रही है। ये आरोप तेजस्वी यादव ने अपने बयान में लगाए हैं; यहां दिए गए स्रोत में उन मामलों का विवरण या उनकी वर्तमान न्यायिक स्थिति उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने देखा कि मुख्यमंत्री ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तेजस्वी के मुताबिक, इसी तरह की कार्रवाई के आधार पर अन्य मामलों में भी लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, इसलिए मुख्यमंत्री को अलग नहीं रखा जाना चाहिए।

 

‘कानून से बड़ा कोई नहीं’

तेजस्वी यादव ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है और दोहरी नीति नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि अगर एक सामान्य व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है तो संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के मामले में भी कानून की समान प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने बिहार पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। तेजस्वी ने यह भी कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

 

ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर भी हमला

चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर तेजस्वी ने कहा कि उनकी लड़ाई अभी शुरू हुई है। उन्होंने दावा किया कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे लोग चुप नहीं बैठेंगे। ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और चिराग पासवान के बयान से जुड़े सवाल पर तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान क्या बोलते हैं और क्या नहीं बोलते, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इसी दौरान उन्होंने चिराग पासवान पर ज्ञानेश कुमार से जुड़े राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में चुनाव आयोग की भूमिका, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और जमुई मामले में पॉक्सो एक्ट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, इन मुद्दों पर आगे की स्थिति संबंधित संस्थाओं और अदालतों की कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

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