BNT Desk: जमुई में लड़की के साथ कथित दुर्व्यवहार और छेड़खानी का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले को लेकर ADG Law & Order K.S. अनुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस की अब तक की कार्रवाई और जांच से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद वायरल हुए वीडियो के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच
ADG K.S. अनुपम ने बताया कि मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो आरोपियों की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान करने में जुटी है। जांच के दौरान फिलहाल 7 से 8 युवकों के नाम सामने आने की जानकारी दी गई है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की भूमिका घटना में सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि गिरफ्तार या चिन्हित किए गए लोगों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं।
BNSS और POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
ADG ने बताया कि इस मामले में जमुई थाने में BNSS की धारा 128, 74, 75 और POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। चूंकि मामले में नाबालिग से संबंधित आरोप और परिस्थितियां सामने आई हैं, इसलिए पुलिस ने POCSO एक्ट के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। SIT की निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की नजर
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी चिन्हित करना शुरू किया। ADG के अनुसार, अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि नाबालिगों की पहचान या चेहरा उजागर करते हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना भी कानून के तहत अपराध है। ऐसे मामलों में वीडियो को शेयर या प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना के वीडियो को वायरल करने वालों को लेकर भी जांच की जा रही है।
नाबालिग की पहचान उजागर करने वालों पर कार्रवाई
K.S. अनुपम ने बताया कि नाबालिगों की पहचान या चेहरा सार्वजनिक करना कानून के प्रावधानों के तहत अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऐसे अकाउंट्स को चिन्हित करना शुरू किया है, जिनसे वीडियो को प्रसारित या दोबारा शेयर किया गया। अब तक कई अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि घटना से संबंधित वीडियो को आगे प्रसारित करने से नाबालिग की पहचान सार्वजनिक हो सकती है। इसलिए ऐसे कंटेंट को साझा करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से तीन किलोमीटर दूर हुई घटना
ADG के अनुसार, घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में हुई। घटना का समय शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच बताया गया है। घटना के स्थान को लेकर भी पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। ADG ने बताया कि पुलिस इस इलाके में पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के समय इलाके में गश्ती व्यवस्था कैसी थी और वहां पुलिस की मौजूदगी या पेट्रोलिंग किस तरह की थी। इसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
7-8 युवकों के नाम सामने आए
पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 7 से 8 युवकों के नाम सामने आए हैं। इनमें से कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। ADG ने कहा कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस किसी भी ऐसे व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है, जिसका नाम या संबंध इस मामले में सामने आ रहा है। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि उनके खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है या नहीं।
SIT की निगरानी में आगे बढ़ेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है। जमुई SDPO के नेतृत्व में टीम पूरे मामले की निगरानी कर रही है। पुलिस घटना, आरोपियों, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं को अलग-अलग स्तर पर देख रही है। ADG के मुताबिक, पुलिस का प्रयास है कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान की जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल तीन गिरफ्तारियों के बाद जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।