BNT Desk: मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र से पुलिस टीम के साथ कथित बदसलूकी और सरकारी हथियार छीनने की कोशिश का मामला सामने आया है। भगवानपुर गांव में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम के साथ स्थानीय लोगों और आरोपियों के सहयोगियों द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच में व्यवधान पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर की सुबह राजनगर थाना पुलिस की एक टीम भगवानपुर गांव पहुंची थी। पुलिस कांड संख्या 437/26 में नामजद आरोपी मो. शकील और मो. रमीज की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही थी। बताया गया है कि पुलिस टीम भगवानपुर स्थित एक कपड़ा दुकान पर छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों और आरोपियों के सहयोगियों के साथ पुलिस टीम का विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और पुलिस के काम में बाधा डालने की कोशिश की।
पुलिस पिस्टल छीनने की कोशिश का आरोप
मामले में पुलिस की ओर से सबसे गंभीर आरोप सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश को लेकर लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और सरकारी हथियार छीनने का प्रयास किया। घटना के दौरान पुलिस टीम ने इसकी सूचना तत्काल वरीय पुलिस अधिकारियों को दी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की गई। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली पूरी घटना और उसके सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
प्रशिक्षु SI के आवेदन पर छह लोगों के खिलाफ केस
इस मामले को लेकर राजनगर थाना में कार्यरत प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक धीरेंद्र कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर हमला करने और सरकारी हथियार छीनने के प्रयास जैसे आरोप लगाए गए हैं। अब पुलिस प्राथमिकी में नामजद सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की भूमिका और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।
एसएसपी ने गठित की SIT
घटना को गंभीरता से लेते हुए मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। विशेष जांच टीम पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गिरफ्तारी के लिए पहुंची टीम के साथ वास्तव में क्या हुआ, पुलिस कार्रवाई में किस तरह बाधा डाली गई और सरकारी हथियार छीनने की कोशिश किसने की। इसके अलावा वायरल वीडियो की भी जांच की जा सकती है, ताकि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और घटना के क्रम को स्पष्ट किया जा सके।
पुलिस ने कहा- जांच में बाधा डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मामले को लेकर स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में व्यवधान करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और पुलिस टीम को सरकारी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा देना जरूरी है। यदि जांच में पुलिस टीम पर हमला या सरकारी हथियार छीनने के प्रयास के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी मामले की चर्चा
पुलिस टीम के साथ कथित बदसलूकी से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि किसी वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम को अंतिम रूप से सही मानना उचित नहीं होगा। SIT की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और पुलिस के साथ किस स्तर पर विवाद या धक्का-मुक्की हुई। पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों की भूमिका और हथियार छीनने के प्रयास से जुड़े आरोपों की भी जांच के बाद तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। छह नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज मामले और SIT की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।