BNT Desk: पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अभियान को और तेज कर दिया है। अब राजस्व टीम के साथ सफाई निरीक्षक, सेक्टर सुपरवाइजर और जोन प्रभारी भी अभियान में शामिल होकर संपत्तियों की पहचान और टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। इन कर्मचारियों को प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट, स्व कर निर्धारण, टैक्स भुगतान और स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर आयोजित प्रशिक्षण में कर्मचारियों को नई संपत्तियों के टैक्स असेसमेंट, पुरानी संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन, जरूरी दस्तावेजों और स्थल निरीक्षण के दौरान किए जाने वाले सत्यापन की जानकारी दी गई। निगम का उद्देश्य टैक्स के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार कर के दायरे में लाना है।
30 सितंबर तक स्व कर निर्धारण और भुगतान की अपील
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को उन बिजली उपभोक्ताओं की सूची भी उपलब्ध कराई गई है, जिनकी संपत्तियां फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे से बाहर चिह्नित की गई हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर ऐसे संपत्तिधारकों को जागरूक करें। निगम ने संपत्तिधारकों से 30 सितंबर तक स्व कर निर्धारण कराने और प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अपील की है। इसी तरह जिन लोगों पर पहले से टैक्स बकाया है, उन्हें भी तय समय सीमा के भीतर भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है। नगर निगम के अनुसार, 1 अक्टूबर से चिह्नित संपत्तियों का स्थल निरीक्षण शुरू किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी संपत्ति का टैक्स असेसमेंट नहीं पाया गया, तो नियमानुसार 100 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ टैक्स असेसमेंट किया जाएगा। वहीं, पुराने बकायेदारों के लिए भी 30 सितंबर के बाद सख्ती बढ़ेगी। निर्धारित समय तक बकाया टैक्स जमा नहीं करने पर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर प्रति माह 1.5 प्रतिशत पेनाल्टी देय होगी।
संपत्ति के फ्लोर और क्षेत्रफल की होगी जांच
स्थल निरीक्षण के दौरान नगर निगम की टीम केवल संपत्ति का पता ही नहीं देखेगी, बल्कि कई स्तरों पर जानकारी का सत्यापन करेगी। इसमें संपत्ति में बने कुल फ्लोर, जमीन और निर्मित क्षेत्रफल तथा सड़क की श्रेणी की जांच शामिल होगी। इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि संपत्ति का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है। संपत्ति आवासीय है या गैर-आवासीय, इसका उपयोग मालिक खुद कर रहा है या किराये पर दिया गया है, इन सभी जानकारियों को दर्ज किया जाएगा। मौके पर मिली जानकारी का मिलान नगर निगम के पास पहले से उपलब्ध प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड से किया जाएगा। यदि रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया जाता है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अपार्टमेंट और चिह्नित संपत्तियों पर भी नजर
नगर निगम ने सभी अंचलों को अपार्टमेंट और अन्य चिह्नित संपत्तियों की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों के मुताबिक स्थल निरीक्षण से प्राप्त जानकारी को व्यवस्थित तरीके से संकलित किया जाएगा और कंट्रोल रूम के साथ साझा किया जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए ऐसी संपत्तियों की पहचान की जाएगी, जो अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में नहीं आई हैं या जिनके रिकॉर्ड में बदलाव होने के बावजूद उसका अपडेट नहीं हुआ है। निगम का मानना है कि फील्ड स्तर पर अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को जोड़ने से संपत्तियों की पहचान और सत्यापन का काम तेजी से किया जा सकेगा। सफाई निरीक्षक, सेक्टर सुपरवाइजर और जोन प्रभारी अपने क्षेत्र की जानकारी के आधार पर निगम की राजस्व टीम को भी सहयोग करेंगे।
क्यूआर कोड से ऑनलाइन जमा कर सकेंगे टैक्स
संपत्तिधारकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने अभियान में लगे कर्मचारियों को क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराया है। इसके जरिए करदाता संबंधित पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे। निगम ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान कर्मचारियों के माध्यम से किसी भी स्थिति में नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई संपत्तिधारक नकद भुगतान करना चाहता है, तो उसे नगर निगम कार्यालय के अधिकृत टैक्स काउंटर पर ही भुगतान करना होगा। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा का उद्देश्य टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है। इससे लोगों को कर्मचारियों के पास नकद राशि देने की जरूरत नहीं होगी और भुगतान का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
रविवार को 208 संपत्तियों से 10.23 लाख रुपये की वसूली
राजस्व संवर्धन अभियान के तहत रविवार को भी नगर निगम के सभी अंचलों के टैक्स काउंटर खुले रहे। इस दौरान राजस्व और सफाई टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया। कर्मचारियों का प्रशिक्षण, स्थल निरीक्षण और बकायेदारों से घर-घर संपर्क अभियान भी जारी रहा। रविवार के अभियान के दौरान 208 संपत्तिधारकों से करीब 10.23 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त हुआ। इसी दौरान करीब 50 संपत्तियों का नया कर निर्धारण किया गया। इसके अलावा 15 संपत्तियों का स्व पुनर्मूल्यांकन किया गया। दो संपत्तियों के निर्धारित विवरण में अंतर मिलने के बाद पेनाल्टी लगाकर उनका दोबारा पुनर्मूल्यांकन किया गया।
राजस्व बढ़ाने के साथ रिकॉर्ड दुरुस्त करने पर जोर
पटना नगर निगम के इस अभियान का फोकस केवल टैक्स वसूली तक सीमित नहीं है। निगम संपत्तियों के रिकॉर्ड को भी अपडेट करने की कोशिश कर रहा है। कई बार संपत्ति का निर्माण क्षेत्र बढ़ने, उपयोग बदलने या नई संपत्ति बनने के बाद टैक्स रिकॉर्ड में तत्काल बदलाव नहीं हो पाता। ऐसे मामलों की पहचान के लिए अब फील्ड स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। 30 सितंबर तक लोगों को स्व कर निर्धारण और बकाया भुगतान का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद 1 अक्टूबर से स्थल निरीक्षण के जरिए वास्तविक स्थिति की जांच होगी। ऐसे में निगम की कार्रवाई से बचने के लिए संपत्तिधारकों को समय पर अपना टैक्स असेसमेंट और भुगतान पूरा करने की अपील की गई है। नगर निगम की कोशिश है कि शहर की अधिक से अधिक संपत्तियां टैक्स के दायरे में आएं, पुराने रिकॉर्ड दुरुस्त हों और बकाया राजस्व की वसूली में तेजी लाई जा सके। आने वाले दिनों में स्थल निरीक्षण और फील्ड सर्वे के बाद टैक्स व्यवस्था में और सख्ती देखने को मिल सकती है।