BNT Desk: दानापुर जीआरपी क्षेत्र में कैलाश कुमार और उसके दोस्त से लूटपाट, मारपीट और चलती ट्रेन से फेंके जाने के मामले में फरार संदिग्ध की तलाश तेज कर दी गई है। रेल पुलिस को शुक्रवार को उसके बारे में अहम सुराग मिला। पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध पटना जंक्शन पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंचती, इससे पहले ही वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद रेल पुलिस ने पटना जंक्शन पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां दिखाई दीं और उसकी पहचान की पुष्टि होने की बात सामने आई। अब तकनीकी अनुसंधान के जरिए पुलिस उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है।
पटना जंक्शन पर मौजूद होने की मिली थी सूचना
पुलिस को शुक्रवार को जानकारी मिली कि मामले में फरार संदिग्ध पटना जंक्शन पर मौजूद है। सूचना मिलते ही रेल पुलिस की टीम सक्रिय हुई और उसे पकड़ने के लिए जंक्शन की ओर रवाना हुई। हालांकि पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही संदिग्ध वहां से निकल गया। इसके बाद पुलिस ने स्टेशन परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच शुरू की। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की मौजूदगी और पहचान को लेकर पुलिस को अहम जानकारी मिली। अब तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जंक्शन से निकलने के बाद वह किस दिशा में गया और किन संभावित स्थानों पर जा सकता है।
पटना, आरा और बक्सर में छापेमारी
संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए रेल पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं। शुक्रवार को पटना के साथ-साथ आरा और बक्सर में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस उसकी गतिविधियों और पुराने संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध किसी एक स्थान पर लंबे समय तक नहीं रुकता है। उसके ठिकाने लगातार बदलने की वजह से उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। रेल एएसपी भास्कर रंजन के अनुसार, संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसे गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की गई है।
दो साल पहले भी इसी तरह की वारदात का आरोप
जांच के दौरान संदिग्ध का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले दानापुर रेल मंडल के बक्सर स्टेशन के पास भी वह इसी तरह की वारदात में शामिल रहा था। आरोप है कि उस दौरान उसने दो युवकों के साथ मारपीट की और उनसे छीनाझपटी की थी। इसके बाद दोनों युवकों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया था। हालांकि उस घटना में दोनों युवकों की जान बच गई थी। उस मामले में रेल पुलिस ने संदिग्ध को गिरफ्तार किया था और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब मौजूदा मामले में उसकी कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान घटना के बीच भी जानकारी जुटा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों के कारण ग्रामीणों ने गांव से निकाला
जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि करीब एक महीने पहले संदिग्ध अपने गांव गया था। वहां उसकी कथित संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों ने उसे गांव से बाहर कर दिया था। पुलिस के अनुसार, उसके पिता की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी मां दूसरे राज्य में काम करके अपना भरण-पोषण करती है। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद वह किसी एक जगह पर टिककर नहीं रहता और कई बार खुले स्थान या सड़क किनारे रात गुजारता है। इस वजह से पुलिस के लिए उसके वर्तमान ठिकाने का पता लगाना आसान नहीं है। जांच टीम उसके संभावित संपर्कों और आवाजाही के रास्तों की भी जानकारी जुटा रही है।
कभी रेल पुलिस का गुप्तचर भी रह चुका है संदिग्ध
पुलिस जांच में संदिग्ध के अतीत से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि वह पहले रेल पुलिस के लिए गुप्तचर के रूप में भी काम कर चुका है। इस दौरान उसे पुलिस की बोलचाल, काम करने के तरीके और कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हो गई थी। बाद में उसकी संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद उसे गुप्तचर के काम से हटा दिया गया था। पुलिस अब इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना रही है। माना जा रहा है कि पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी होने के कारण वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी रणनीति बदल सकता है।
कैलाश की मौत और अन्य आरोपितों की भूमिका भी जांच के घेरे में
दानापुर जीआरपी क्षेत्र में कैलाश कुमार और उसके दोस्त के साथ हुई लूटपाट और मारपीट के मामले में पुलिस अब मुख्य संदिग्ध तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस घटना में चलती ट्रेन से फेंके जाने की बात भी सामने आई है, जिसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। खासकर कैलाश की मौत से जुड़े घटनाक्रम और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पटना जंक्शन, दानापुर, आरा और बक्सर समेत दूसरे स्थानों पर भी उसकी तलाश जारी है। CCTV फुटेज और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस उसके मूवमेंट को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया था और इसमें उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।