BNT Desk: बिहार के खगड़िया में फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों पर रौब जमाने वाले मनीष कुमार गुप्ता की कथित तौर पर करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर मनीष ने इतनी बड़ी संपत्ति कैसे जुटाई। मनीष को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में उसके संपर्कों, बैंक खातों, संपत्ति और विदेशों से होने वाले संभावित लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि 41 वर्षीय मनीष ने शादी नहीं की है। उसने करीब 7 हजार वर्गफीट जमीन पर बेहद आलीशान मकान बनवाया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मकान की डिजाइन काफी हद तक मुंबई के कारोबारी मुकेश अंबानी के एंटीलिया जैसी बताई जा रही है।
एंटीलिया जैसा घर, स्वीमिंग पूल और पर्सनल थिएटर
खगड़िया के जमालपुर में मनीष का आलीशान मकान ‘परमेश्वरी भवन’ के नाम से जाना जाता है। घर में आधुनिक सुविधाओं के साथ स्वीमिंग पूल और पर्सनल थिएटर भी होने की जानकारी सामने आई है। मकान में महंगी इटैलियन टाइल्स का इस्तेमाल किया गया है। परिसर की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगाए गए थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान CCTV का DVR भी जब्त किया है। पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनीष के घर पर कौन-कौन लोग आते-जाते थे और उसका नेटवर्क कितना बड़ा था।
छापेमारी में 5 iPhone, iPad और MacBook बरामद
8 अगस्त को पुलिस ने मनीष के घर पर छापेमारी की थी। करीब सात घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस को कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बैंकिंग दस्तावेज मिले। पुलिस ने उसके पास से 5 iPhone, iPad, MacBook और 4 TB की हार्ड डिस्क बरामद की है। इन उपकरणों में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, चैट, ई-मेल, सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो, वीडियो और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इन डिवाइस से मनीष के पूरे नेटवर्क की जानकारी मिल सकती है। हालांकि, पुलिस के अनुसार मनीष अपने फोन और iPad का पासवर्ड नहीं बता रहा है। अब विशेषज्ञों की मदद से इन उपकरणों की जांच कराने की तैयारी है।
20 क्रेडिट कार्ड और 8 डेबिट कार्ड से बढ़ा शक
तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मनीष के घर से 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक बरामद की गई हैं। इतने बड़े पैमाने पर बैंकिंग दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब सभी खातों और लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि किन खातों से पैसा आया, कहां भेजा गया और इन कार्डों का इस्तेमाल कौन करता था। शुरुआती जांच में मनीष के नेटवर्क से अमेरिका और कनाडा से लेनदेन होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इन विदेशी लेनदेन का पूरा विवरण जुटा रही है।
खुद को PMO और अजीत डोभाल की टीम का अधिकारी बताता था
मनीष लोगों के बीच खुद को बड़ा अधिकारी बताकर रौब जमाता था। वह कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ा अधिकारी बताता था। वह लोगों से कहता था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से उसकी सीधी बात होती है। पुलिस की छापेमारी के दौरान भी उसने खुद को वरिष्ठ IAS अधिकारी बताया और पुलिसकर्मियों पर ही कार्रवाई करवाने की धमकी दी। उसकी गाड़ियों पर ‘GOVT OF INDIA’ की तख्ती लगी होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने उसकी Tesla कार भी जब्त की है।
फर्जी ID दिखाकर पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान मनीष ने अपने मोबाइल में एक सरकारी पहचान पत्र दिखाया और खुद को वरिष्ठ IAS अधिकारी बताया। शुरुआत में उसके आत्मविश्वास और ID कार्ड को देखकर पुलिसकर्मियों को भी भ्रम हुआ, लेकिन जांच के बाद पहचान पत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
विदेशी शराब, कछुआ और बारहसिंगा के सींग बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को विदेशी शराब की 31 बोतलें मिलीं। इसके अलावा बारहसिंगा के दो सींग और एक कछुआ भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनीष के पास ये वन्यजीव अवशेष और कछुआ कहां से आए और इन्हें रखने के पीछे क्या वजह थी।
10वीं में किया था जिला टॉप
मनीष की शुरुआती पढ़ाई खगड़िया के जमालपुर-गोगरी इलाके के सरकारी स्कूल में हुई थी। उसके एक पुराने क्लासमेट के अनुसार, उसने 1991 में मैट्रिक परीक्षा में जिले में टॉप किया था। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह UPSC की तैयारी के लिए अपने बड़े भाई के पास दिल्ली चला गया। बाद में दिल्ली से लौटने के बाद वह अपने पुराने दोस्तों से भी काफी दूर हो गया। एक पुराने दोस्त ने बताया कि उसने अपने बेटे से जुड़े एक काम के लिए मनीष से संपर्क किया था। उसे भरोसा था कि मनीष बड़ा सरकारी अधिकारी है और उसकी मदद कर सकता है। बाद में उसकी असली पहचान सामने आने पर वह भी हैरान रह गया।
पिता प्रोफेसर थे, परिवार के सदस्य विदेश में भी
मनीष कुमार गुप्ता के पिता परमेश्वर प्रसाद गुप्ता गोगरी-जमालपुर के KDS कॉलेज में प्रोफेसर थे। परिवार का खगड़िया में पुश्तैनी घर बताया जाता है। उसके बड़े भाई संजय कुमार गुप्ता दिल्ली में प्रोफेसर हैं, जबकि एक अन्य भाई कनाडा में रहते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग शहरों में नौकरी करते हैं। अब पुलिस मनीष की संपत्ति, बैंक खातों, विदेशी लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि फर्जी IAS बनकर उसने कथित तौर पर इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की और इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे।