पटना: पांचवें दिन भी जारी रही नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल, पटना में कचरे का अंबार; हड़ताली कर्मचारियों पर FIR दर्ज

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BNT Desk: पटना नगर निगम समेत बिहार के सभी नगर निकायों के कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर राजधानी पटना की सफाई व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। शहर की सड़कों, गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में बढ़ते कचरे को लेकर लोगों में बीमारी फैलने की भी चिंता बढ़ गई है।

 

हड़ताली कर्मचारियों पर दर्ज हुई FIR

हड़ताल के बीच हुए कथित हंगामे और मारपीट के मामले में पटना नगर निगम ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उप नगर आयुक्त रामाशीष शरण तिवारी की शिकायत पर सचिवालय थाना में हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय के पास निगम के वाहनों की मरम्मत कर रहे कर्मचारियों के साथ हड़ताली कर्मियों ने गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। हालांकि एफआईआर में फिलहाल किसी भी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

तीसरी रात भी चला विशेष सफाई अभियान

सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, इसके लिए पटना नगर निगम लगातार तीसरी रात विशेष सफाई अभियान चलाता रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद निगम ने शहर से कचरा हटाने की कोशिश तेज कर दी है।

रविवार को 26 डोर-टू-डोर वाहनों के जरिए घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरे का उठाव कराया गया। निगम प्रशासन का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

 

हड़ताल का समर्थन करने वाले दो चालक हटाए गए

नगर निगम ने हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए चालक उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज ने हड़ताल का समर्थन करने और बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले दो चालकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया है।

निगम प्रशासन का कहना है कि सफाई जैसी आवश्यक सेवाओं में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी और काम बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

 

बढ़ सकती है लोगों की परेशानी

हड़ताल लंबी खिंचने से राजधानी में गंदगी का संकट और गहरा सकता है। बरसात के मौसम में कचरे के ढेर से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोग जल्द से जल्द हड़ताल खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, हड़ताली कर्मचारी और प्रशासन अपने-अपने रुख पर कायम हैं। अब सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकलेगा, ताकि पटना समेत पूरे बिहार में सफाई व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।

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