बिहार विधानसभा का मानसून सत्र हंगामे के साथ शुरू, NEET-NTA मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को काफी हंगामेदार माहौल में हुई। सत्र के पहले ही दिन विधानसभा परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। एक तरफ सरकार अपनी उपलब्धियां और नए प्रस्ताव लेकर सदन में पहुंची, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने NEET, NTA, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य के मुद्दे पर सरकार और केंद्र को घेरने की कोशिश की।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। विपक्षी दलों ने बैनर और तख्तियों के साथ प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पहले दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

विधानसभा परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन

कार्यवाही शुरू होने से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक और विधान परिषद के सदस्य विधानसभा परिसर के बाहर एकत्र हुए। उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे। विपक्ष ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।

 

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आने के कारण छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है।

विपक्ष ने NTA को भंग करने और उसकी जगह नई, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “पेपर लीक बंद करो”, “NTA भंग करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए गए।

 

छात्रों के भविष्य का मुद्दा उठाया

विपक्ष का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों से लाखों युवा परेशान हैं। कई छात्र वर्षों तक मेहनत करने के बाद भी निष्पक्ष परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं।

विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों की आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए। विपक्ष ने साफ किया कि इन सभी मुद्दों को सदन के अंदर भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

 

सरकार ने गिनाईं 100 दिनों की उपलब्धियां

दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और सत्तापक्ष के विधायक समय पर विधानसभा पहुंचे। सरकार ने अपने 100 दिन पूरे होने के अवसर पर विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कार्यों की जानकारी सदन में रखी।

सरकार का दावा है कि पिछले 100 दिनों में कई जनहित के फैसले लिए गए हैं। इनमें विकास कार्यों को गति देना, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। सरकार मानसून सत्र के दौरान अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश करने की तैयारी में है।

 

नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति रही चर्चा का विषय

पहले दिन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन में मौजूद नहीं थे। हालांकि उनकी अनुपस्थिति के बावजूद राजद और वाम दलों के विधायक पूरी तैयारी के साथ विधानसभा पहुंचे और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

विपक्षी दलों ने संकेत दिया कि मानसून सत्र के दौरान बेरोजगारी, शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

 

विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मानसून सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विधानसभा के सभी प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की व्यवस्था की गई थी।

परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरे समय सतर्क रहीं।

 

आज के पहले दिन का निष्कर्ष

मानसून सत्र का पहला दिन पूरी तरह राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन के नाम रहा। विपक्ष ने छात्रों और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार और केंद्र को घेरा, जबकि सरकार ने अपने 100 दिनों के कामकाज और विकास योजनाओं को प्रमुखता से रखा।

आने वाले दिनों में सदन के भीतर इन मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है। साथ ही सरकार कई अहम विधेयक और अनुपूरक बजट भी पेश कर सकती है। ऐसे में मानसून सत्र के बाकी दिन भी काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।

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