बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े की कोशिश, शिक्षक समेत 18 गिरफ्तार; कई जिलों में सॉल्वर गैंग की सक्रियता की आशंका

BiharNewsAuthor
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पटना। बिहार में एक बार फिर भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार पुलिस रेडियो में सिपाही (ऑपरेटर) के 933 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के दौरान कथित फर्जीवाड़े और नकल कराने की कोशिश के आरोप में दो शिक्षकों समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सॉल्वर गैंग के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

खगड़िया में शिक्षक समेत कई लोग गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खगड़िया जिले में दो शिक्षकों सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इनमें से कुछ लोग दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। जांच के दौरान परीक्षा केंद्र से जुड़े कुछ कर्मियों और बायोमेट्रिक ऑपरेटरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।

मुजफ्फरपुर में फर्जी बायोमेट्रिक कर्मी पकड़ा गया

मुजफ्फरपुर के चेपमैन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले एक युवक खुद को बायोमेट्रिक कर्मी बताकर केंद्र में प्रवेश कर गया। संदेह होने पर केंद्र प्रशासन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में युवक के जमुई निवासी होने की जानकारी सामने आई।

गया और बेतिया में ब्लूटूथ से नकल की कोशिश

गया के महावीर इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया। वहीं बेतिया के विपिन हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर भी एक अभ्यर्थी कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा देने पहुंचा। डिवाइस निकालने के लिए उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।

इसके अलावा कैमूर में भी एक अभ्यर्थी को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान सहरसा से जुड़े कुछ युवकों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

इससे पहले भी बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जा चुके हैं। नालंदा के बिहारशरीफ स्थित एक परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान तस्वीर का मिलान नहीं होने पर एक युवक को दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था।

38 जिलों में बनाए गए थे 544 परीक्षा केंद्र

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए राज्य के 38 जिलों में 544 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बावजूद इसके कई जिलों से कथित फर्जीवाड़े और नकल की घटनाएं सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

सॉल्वर गैंग के नेटवर्क की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंच बनाने के पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग सक्रिय है या नहीं। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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