पटना: खान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 3 जुलाई तक टली, जानिए पूरा मामला

BiharNewsAuthor
5 Min Read

BNT Desk: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में मशहूर शिक्षक खान सर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ जरूरी दस्तावेजों की मांग की है और सुनवाई को 3 जुलाई तक के लिए आगे बढ़ा दिया है।

कोर्ट में क्या हुआ?

मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका और उनके दो सुरक्षा गार्डों की नियमित जमानत (Regular Bail) याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच काफी बहस हुई।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला लिया कि अभी और जानकारी की जरूरत है। इसी कारण मामले को 3 जुलाई के लिए टाल दिया गया।

गिरफ्तारी पर अभी रोक बरकरार

अदालती कार्यवाही के बीच खान सर के लिए एक राहत की खबर यह रही कि कोर्ट ने उन्हें दी गई ‘अंतरिम सुरक्षा’ (Interim Protection) को फिलहाल जारी रखा है। इसका सीधा मतलब यह है कि 3 जुलाई तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं होगी। जब तक कोर्ट का अगला आदेश नहीं आ जाता, उन्हें कानूनन राहत मिली हुई है।

हथियारों का इस्तेमाल और आरोप

इस पूरे मामले के केंद्र में खान सर के सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियार हैं। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील (लोक अभियोजक) ने कोर्ट में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि:

  • गार्डों के पास मौजूद हथियारों का इस्तेमाल प्रदर्शन के दौरान लोगों में डर पैदा करने (दहशत फैलाने) के लिए किया गया था।

  • अभियोजन पक्ष का दावा है कि गार्डों द्वारा की गई फायरिंग से पटना में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी।

  • इसी आधार पर सरकारी वकील ने सुरक्षा गार्डों की जमानत का जोरदार विरोध किया।

 

बचाव पक्ष का क्या है कहना?

खान सर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मौआर ने कोर्ट को बताया कि गार्डों के पास मौजूद सभी हथियार पूरी तरह से वैध हैं और उनके लाइसेंस भी बने हुए हैं। उन्होंने दलील दी कि पुलिस ने जांच के दौरान हथियारों से जुड़े सभी ओरिजिनल दस्तावेज पहले ही जब्त कर लिए हैं, इसलिए फिलहाल उन दस्तावेजों को कोर्ट में दिखाना संभव नहीं है।

अब 3 जुलाई को क्या होगा?

अदालत ने अब इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच अधिकारी (IO) और सरकारी वकील को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि हथियारों से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज 3 जुलाई को पेश किए जाएं।

अदालत के अनुसार, जब तक हथियारों के लाइसेंस और घटना से जुड़ी अन्य रिपोर्ट की समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक जमानत पर फैसला देना मुश्किल है। इसलिए, अगली तारीख पर सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या जांच रिपोर्ट और दस्तावेज कोर्ट को संतुष्ट कर पाएंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद कुछ समय पहले पटना के एक कोचिंग संस्थान में हुए हंगामे के बाद शुरू हुआ था। खान सर और शिक्षक रौशन आनंद समेत अन्य लोगों के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन और विरोध के दौरान माहौल बिगड़ गया और उस दौरान सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग की घटना सामने आई।

इसी मामले के बाद खान सर ने अपनी गिरफ्तारी को रोकने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जबकि उनके दोनों गार्ड फिलहाल जेल में हैं और अपनी नियमित जमानत का इंतजार कर रहे हैं।

यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से, बल्कि शिक्षा जगत के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि 3 जुलाई को कोर्ट दस्तावेजों की जांच के बाद क्या फैसला सुनाती है।

Share This Article