BNT Desk: पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के न्यूरो वार्ड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या है वायरल वीडियो में दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि न्यूरो वार्ड में घंटों से लाइन में खड़े मरीजों और उनके परिजनों को छोड़कर ₹50 लेकर कुछ लोगों का काम पहले कराया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि जब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और वीडियो बनाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकाया गया। वायरल दावों के अनुसार, कथित तौर पर कहा गया कि, “जहां जाना है जाओ, यहां का मालिक मैं हूं।” इन दावों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि मरीजों से पैसे लेकर लाइन तोड़कर काम कराया जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
जांच की मांग
वायरल वीडियो के बाद बिहार सरकार और IGIMS प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो और सभी को समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सभी की नजर IGIMS प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जांच तथा आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।