BNT Desk: बिहार की सियासत में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की घड़ी अब करीब आ गई है. सत्ता के गलियारों में नामों की फेहरिस्त पर मंथन अंतिम दौर में है और जल्द ही नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण का ऐलान हो सकता है. इसके लिए पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान को पूरी तरह हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया है.
6 मई के बाद कभी भी शपथ
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. इस बैठक में मंत्रियों की सूची पर आखिरी मुहर लगा दी गई है. माना जा रहा है कि 6 मई के बाद किसी भी वक्त शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है. इस बार का विस्तार सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि यह आने वाले चुनावों के लिए एक बड़ा सियासी संकेत माना जा रहा है.
30-40 प्रतिशत मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार कैबिनेट में बड़े उलटफेर की तैयारी है. करीब 30 से 40 प्रतिशत मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह युवा व ऊर्जावान चेहरों को मौका दिया जा सकता है. गठबंधन की ‘केमिस्ट्री’ को मजबूत करने के लिए चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R) और जीतन राम मांझी की पार्टी (HAM) से भी नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है.
भाजपा और जदयू के संभावित चेहरे
दोनों ही प्रमुख पार्टियों के भीतर जातीय समीकरणों और अनुभव को साधने की रणनीति तैयार की गई है:
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भाजपा खेमा: दिलीप जायसवाल, मंगल पांडे, संजय जायसवाल, नीतीश मिश्रा, जनक राम और नीरज कुमार बब्लू जैसे नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है. भाजपा किसी महिला नेता या युवा चेहरे को शामिल कर एक नया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश में है.
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जदयू खेमा: पार्टी अपने पुराने और अनुभवी नेताओं जैसे अशोक चौधरी, लेशी सिंह और श्रवण कुमार को बरकरार रख सकती है. साथ ही संगठन को मजबूती देने के लिए कुछ नए नामों को भी जोड़ा जा सकता है.
विजय कुमार सिन्हा की भूमिका पर सस्पेंस
इस पूरे विस्तार में सबकी नजरें पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर टिकी हैं. नई सरकार द्वारा उनके पिछले कुछ फैसलों को पलटने और विभागों में फेरबदल के बाद यह बड़ा सवाल है कि उन्हें फिर से पुरानी अहम जिम्मेदारियां मिलेंगी या किसी नई भूमिका में लाया जाएगा.
गांधी मैदान में भव्य तैयारी: पीएम मोदी के आने की संभावना
शपथ ग्रहण समारोह को एक ‘मेगा इवेंट’ बनाने की तैयारी है. चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शिरकत कर सकते हैं, जिससे यह आयोजन बेहद हाई-प्रोफाइल हो जाएगा. गांधी मैदान में विशाल हैंगर और भव्य स्टेज बनाया जा रहा है. सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं.
निष्कर्ष: सियासी शक्ति प्रदर्शन का मंच
बिहार में यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ सरकार का विस्तार नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है. यहीं से आने वाले चुनावी समीकरणों की नई कहानी लिखी जाएगी. कौन बनेगा मंत्री और किसके हाथ से जाएगी कुर्सी, इसका सस्पेंस अब अपने चरम पर है.