बिहटा: इंजीनियरिंग छात्रा की संदिग्ध मौत; हत्या या आत्महत्या? जांच में जुटी पुलिस

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: घटना सोमवार देर शाम की है। मकान मालिक रामअयोध्या सिंह को कुछ अजीब लगा जब उन्होंने देखा कि अनुपमा के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद है, लेकिन कमरे के अंदर की लाइट जल रही थी और पंखा चलने की आवाज आ रही थी।

मकान मालिक और अन्य लोगों ने अनुपमा को कई बार फोन किया, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। अनुपमा कमरे में मृत अवस्था में पड़ी थी।

मृतका की पहचान और पृष्ठभूमि

मृतका की पहचान औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड की रहने वाली 23 वर्षीय अनुपमा कुमारी के रूप में हुई है।

  • पिता का नाम: अशोक सिंह

  • शिक्षा: वह पिछले तीन वर्षों से बिहटा के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी।

  • रहन-सहन: वह राघोपुर गांव में एक किराए के कमरे में अकेले रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी।

हत्या की आशंका: क्या कहते हैं परिजन?

अनुपमा की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।

  • पिता का बयान: अनुपमा के पिता अशोक सिंह ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही उनकी बेटी से सामान्य बातचीत हुई थी। वह पढ़ाई में अच्छी थी और किसी भी मानसिक तनाव में नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कभी खुदकुशी जैसा कदम नहीं उठा सकती।

  • बहन का आरोप: मृतका की बड़ी बहन आकांक्षा कुमारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनुपमा ने पहले उसे बताया था कि मकान में रहने वाले कुछ लोगों के साथ उसका विवाद चल रहा था। परिवार का मानना है कि इसी विवाद के कारण उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई है।

पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहटा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • एफएसएल टीम: साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया। टीम ने कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी सबूत इकट्ठा किए हैं।

  • मोबाइल फोन जब्त: पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। कॉल डिटेल्स और चैट हिस्ट्री के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले वह किसके संपर्क में थी।

  • पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गले पर कुछ निशान पाए गए हैं, जिससे गला दबाकर हत्या की आशंका (Strangulation) जताई जा रही है।

मकान मालिक और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

मकान मालिक रामअयोध्या सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख और आश्चर्य जताया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि अनुपमा एक शांत और संस्कारी लड़की थी। उसका व्यवहार सबके साथ बहुत अच्छा था और उसे देखकर कभी नहीं लगा कि वह किसी परेशानी में है। उन्होंने भी इस मामले को पूरी तरह संदिग्ध बताया है।

पुलिस का आधिकारिक बयान

बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने कहा, “शुरुआती जांच में मामला गला दबाने का लग रहा है, लेकिन हम किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होना इस मामले को और भी उलझा देता है। हम जल्द ही आरोपियों तक पहुंचेंगे।”

न्याय की गुहार

बिहार में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक होनहार इंजीनियरिंग छात्रा का इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में चले जाना न केवल उसके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय है। अब सबकी नजरें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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