BNT Desk: बिहार के मशहूर शिक्षक फैजल खान, जिन्हें पूरी दुनिया ‘खान सर’ के नाम से जानती है, इस समय एक गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। पटना में हुए एक हालिया फायरिंग मामले में अपना नाम आने के बाद खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। खुद को पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए खान सर के कानूनी दल ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। सोमवार को उनके वकील ने पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका दाखिल कर दी है। कोर्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सोमवार दोपहर तक इस याचिका पर सुनवाई की रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी और उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को अदालत इस पर सुनवाई कर सकती है।
दूसरी तरफ, पटना पुलिस इस मामले को लेकर बेहद सख्त नजर आ रही है। पिछले तीन दिनों से पुलिस की टीमें खान सर की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। ऐसे में अब हर किसी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या खान सर को अदालत से राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ेंगी।
जानिए 2 जून की रात को क्या हुआ था
यह पूरा विवाद करीब छह दिन पुराना है। घटना 2 जून 2026 की रात की बताई जा रही है। पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में खान सर का कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ स्थित है। संस्थान प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उस रात कुछ असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों ने अचानक कैंपस पर हमला बोल दिया।
आरोप है कि ये लोग जबरन संस्थान के भीतर घुस आए और वहां जमकर तोड़फोड़ की। उपद्रवियों ने कोचिंग के होर्डिंग्स, बोर्ड और अन्य संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचाया। जब वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और कोचिंग के कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
खान सर पर क्या हैं आरोप?
इस मामले में मोड़ तब आया जब पुलिस ने जांच के बाद दोनों पक्षों की बातें सुनीं और प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। पुलिस ने खान सर और उनके सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) समेत भारतीय न्याय संहिता की कई अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जांच एजेंसियों और पुलिस का आरोप है कि जब कैंपस में उपद्रव और मारपीट हो रही थी, तब खान सर ने खुद अपने निजी सुरक्षा गार्ड को भीड़ पर फायरिंग करने का निर्देश दिया था। पुलिस का कहना है कि इसी निर्देश के बाद वहां गोलियां चलीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इसी मुख्य आरोप के आधार पर पुलिस खान सर को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रही है।
संस्थान का दावा: ‘यह सामान्य विवाद नहीं, सुनियोजित हमला था’
इस पूरे घटनाक्रम पर ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के प्रबंधन ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि यह दो पक्षों के बीच कोई आम या अचानक हुआ विवाद नहीं था। बल्कि, यह उनके कोचिंग संस्थान को बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया एक सुनियोजित (Pre-planned) हमला था। प्रबंधन का आरोप है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ भारी संख्या में आए थे और उनका मकसद कैंपस में बड़ी तबाही मचाना और कर्मचारियों को डराना-धमकाना था।
दूसरे पक्ष की सफाई: ‘मुझे झूठा फंसाया जा रहा है’
इस मामले में जिस दूसरे पक्ष का नाम सामने आ रहा है, उसमें मुख्य रूप से रौशन आनंद शामिल हैं। रौशन आनंद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इस पूरी घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें इस मामले में साजिश के तहत घसीटा जा रहा है। खुद को बेगुनाह बताते हुए रौशन आनंद ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने की मांग की है।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
पटना पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, मामले की गहराई से जांच की जा रही है। सच का पता लगाने के लिए पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है।
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सीसीटीवी फुटेज: कोचिंग कैंपस और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान हो सके और फायरिंग के समय की सटीक स्थिति का पता चल सके।
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प्रत्यक्षदर्शियों के बयान: घटना के वक्त मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों, दुकानदारों और संस्थान के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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फोरेंसिक जांच: फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और गोली किस हथियार से चली, इसकी भी जांच की जा रही है।
अदालत के फैसले पर टिकीं सबकी नजरें
खान सर की अग्रिम जमानत याचिका दाखिल होने के बाद अब गेंद अदालत के पाले में है। कानून के जानकारों का मानना है कि यदि मंगलवार को होने वाली सुनवाई में अदालत खान सर को अग्रिम जमानत दे देती है, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाएगी और उन्हें एक बड़ी फौरी राहत मिल जाएगी। हालांकि, उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।
लेकिन, यदि अदालत इस याचिका को खारिज कर देती है, तो खान सर की मुश्किलें बेहद बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में पटना पुलिस की कार्रवाई और तेज हो जाएगी और उन पर गिरफ्तारी का संकट गहरा जाएगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर पटना के शिक्षा जगत, खान सर के प्रशंसकों और देश भर में फैले उनके लाखों छात्रों के बीच भारी उत्सुकता और चिंता का माहौल बना हुआ है। हर कोई यह जानने को बेताब है कि इस कानूनी लड़ाई का ऊँट किस करवट बैठता है।