नवादा में हाथियों का तांडव: खेत में गेहूं काट रही बुजुर्ग महिला को हाथी ने सूंड से पटककर मार डाला

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के नवादा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ गोविंदपुर थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों के एक झुंड ने कहर बरपाते हुए एक बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल है। जंगली हाथियों के हमले की यह घटना उस समय हुई जब महिला अपने खेत में फसल की कटाई कर रही थी।

गेहूं के खेत में मौत बनकर आए हाथी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी शिव रत्न प्रसाद यादव की 70 वर्षीय मां, मुन्ना देवी, बुधवार को अपने खेत में गेहूं की फसल काटने गई थीं। फसल कटाई के दौरान ही अचानक हाथियों का एक बड़ा झुंड जंगल की तरफ से खेतों की ओर आ गया।

मृतक के पुत्र शिवरतन प्रसाद यादव ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी मां चुपचाप अपना काम कर रही थीं, तभी अचानक दो दर्जन से भी अधिक (24 से ज्यादा) हाथियों का झुंड वहां पहुंच गया। हाथियों को देखकर मुन्ना देवी ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन झुंड में से एक हाथी ने उन्हें खदेड़ लिया।

सूंड से उठाकर खेत में पटका

हाथी इतना आक्रामक था कि उसने बुजुर्ग महिला को भागने का मौका नहीं दिया। हाथी ने अपनी सूंड से 70 वर्षीय मुन्ना देवी को लपेटा और हवा में उठाकर जोर से जमीन पर पटक दिया। इस जबरदस्त हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। हाथियों का झुंड काफी देर तक इलाके में ही मौजूद रहा, जिससे ग्रामीण बचाव के लिए पास जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है ताकि हाथियों के झुंड को रिहायशी इलाकों से दूर खदेड़ा जा सके।

इलाके में दहशत और वन विभाग पर सवाल

इस घटना के बाद माधोपुर और उसके आस-पास के गांवों में मातम और डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दो दर्जन से ज्यादा हाथियों का एक साथ आना बहुत खतरनाक संकेत है। लोगों में वन विभाग के खिलाफ भी गुस्सा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगली जानवरों के मूवमेंट पर नजर नहीं रखी जा रही है, जिसके कारण आए दिन जान-माल का नुकसान हो रहा है।

पीड़ित परिवार की मांग: मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। साथ ही, इलाके में गश्त बढ़ाने की गुहार लगाई है ताकि भविष्य में कोई और किसान या मजदूर इस तरह के हमले का शिकार न हो।

क्या करें जब सामने आ जाए हाथियों का झुंड?

वन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कभी हाथियों का झुंड खेतों या रिहायशी इलाकों में आ जाए, तो निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • हाथियों को देखकर शोर न मचाएं और न ही उन पर पत्थर फेंकें, इससे वे हिंसक हो सकते हैं।

  • हाथियों से हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

  • यदि हाथी पीछे पड़ जाए, तो सीधा भागने के बजाय टेढ़ा-मेढ़ा (Zig-Zag) भागें, क्योंकि हाथियों को मुड़ने में कठिनाई होती है।

  • तत्काल स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को सूचित करें।

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