पटना में दिनदहाड़े गैंगवार: जमीन विवाद में स्कार्पियो सवार बदमाशों ने बरसाईं गोलियां, 2 घायल

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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर पुलिसिया इकबाल को चुनौती दी है। गोपालपुर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है। जमीन विवाद को लेकर हुए इस हमले में दो लोगों को गोलियां लगी हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला इलाका

पटना में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें अब न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का। ताज़ा मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ सोमवार को सरेआम फायरिंग की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अपराधी स्कार्पियो पर सवार होकर आए थे और उन्होंने देखते ही देखते अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। घटना के बाद आसपास के बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

जमीन देखकर लौट रहे लोगों पर हमला

पीड़ितों की पहचान आलमगंज थाना क्षेत्र के निवासी ओमप्रकाश यादव और उनके सहयोगी जितेंद्र के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश यादव अपने कुछ साथियों के साथ गोपालपुर स्थित अपनी दो बीघे की पुश्तैनी जमीन देखने गए थे। जमीन का मुआयना करने के बाद जब वे अपनी गाड़ी से वापस घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

“हम अपनी दो बीघे की जमीन देख कर वापस आ रहे थे। तभी अचानक एक स्कार्पियो आई और उसमें सवार लोगों ने राइफल से फायरिंग शुरू कर दी। हमें संभलने का मौका तक नहीं मिला।” — ओमप्रकाश यादव (घायल)

घायलों की स्थिति और अस्पताल का मंजर

इस हमले में ओमप्रकाश यादव के पैर में गोली लगी है, जबकि उनके सहयोगी जितेंद्र को पेट में दो गोलियां लगी हैं। गोलीबारी के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से दोनों को आनन-फानन में नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) ले जाया गया। जितेंद्र की हालत नाजुक बताई जा रही है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका ऑपरेशन कर रही है। अस्पताल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के तनाव को रोका जा सके।

मुख्य आरोपी और 10 राउंड फायरिंग का दावा

घायल ओमप्रकाश यादव ने अस्पताल में बयान देते हुए स्पष्ट रूप से हमले के पीछे के मुख्य किरदारों के नाम बताए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने राइफल से करीब 10 राउंड से अधिक फायरिंग की। इस मामले में उन्होंने निम्नलिखित लोगों को मुख्य आरोपी ठहराया है:

  1. उदय सिंह

  2. उज्ज्वल सिंह

  3. गौरव सिंह

पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और जमीन कब्जाने की नीयत से उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई है।

पुलिसिया कार्रवाई और जांच की दिशा

घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर और स्थानीय थानों की पुलिस मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने घटनास्थल से खाली खोखे बरामद किए हैं। सिटी एसपी के निर्देश पर हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस स्कार्पियो का पता लगाया जा सके जिससे अपराधी फरार हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपसी जमीन विवाद का लग रहा है, लेकिन अपराधियों द्वारा हथियार का इस तरह खुलेआम प्रदर्शन करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

बिहार में बढ़ता अपराध: जनता में आक्रोश

इस घटना के बाद बिहार में कानून व्यवस्था (Law and Order) को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटना अब सुरक्षित नहीं रह गया है। आए दिन हो रही गोलीबारी और हत्या की घटनाओं से आम नागरिक डरे हुए हैं। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राज्य में ‘गुंडाराज’ कायम होने का आरोप लगाया है।

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