बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2026 का परिणाम घोषित कर एक बार फिर देश के अन्य परीक्षा बोर्डों की तुलना में बाजी मार ली है । समिति ने मूल्यांकन शुरू होने के मात्र 28 दिनों के भीतर परिणाम जारी कर अपना ही पिछला रिकॉर्ड (29 दिन) तोड़ दिया है ।
1. परीक्षाफल की घोषणा और मुख्य अतिथि
बिहार के माननीय शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने आज दिनांक 29.03.2026 को समिति के मुख्य भवन स्थित सभागार में परीक्षाफल की आधिकारिक घोषणा की । इस अवसर पर बोर्ड के अध्यक्ष आनन्द किशोर भी उपस्थित थे । यह लगातार पांचवां वर्ष है जब समिति ने मार्च माह में ही मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया है ।
2. मेधा सूची (Toppers List) और महिला सशक्तिकरण
इस वर्ष की टॉपर सूची में छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है:
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संयुक्त प्रथम स्थान: सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय, वैशाली की सबरीन परवीन ने 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है ।
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टॉप 10 की स्थिति: टॉप 10 मेधा सूची में कुल 139 परीक्षार्थी शामिल हैं, जिनमें 57 छात्राएं हैं ।
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रैंक विभाजन: प्रथम 5 स्थानों पर 13 परीक्षार्थी और रैंक 6 से 10 के बीच 126 परीक्षार्थी हैं ।
3. परीक्षाफल का सांख्यिकीय विश्लेषण (Detailed Statistics)
इस वर्ष परीक्षा में कुल 15,10,928 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे ।
| विवरण | छात्र संख्या | छात्रा संख्या | कुल |
| सम्मिलित परीक्षार्थी |
7,26,057
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7,84,871
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15,10,928
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| प्रथम श्रेणी |
2,34,501
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2,09,222
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4,43,723
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| द्वितीय श्रेणी |
2,25,011
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2,50,500
|
4,75,511
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| तृतीय श्रेणी |
1,35,676
|
1,67,427
|
3,03,103
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| पास श्रेणी |
6,202
|
7,204
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13,406
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| कुल उत्तीर्ण |
6,01,390
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6,34,353
|
12,35,743
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| उत्तीर्ण प्रतिशत | – | – |
81.79%
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4. पिछले वर्षों से तुलना (Passing Percentage Trends)
विगत 8 वर्षों के उत्तीर्णता प्रतिशत पर नजर डालें तो बिहार बोर्ड का प्रदर्शन स्थिर रहा है:
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2026: 81.79%
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2025: 82.11%
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2024: 82.91%
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2023: 81.04%
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2022: 79.88%
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2021: 78.17%
5. तकनीकी सुधार: ‘Fastest Result’ का राज
इतनी जल्दी परिणाम घोषित करने के पीछे बोर्ड द्वारा अपनाई गई आधुनिक तकनीक और नवाचारों का बड़ा हाथ है:
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Pre-printed सामग्री: प्रत्येक विद्यार्थी के लिए फोटो, नाम, बारकोड और लिथोकोड युक्त विशेष कॉपियां और OMR शीट उपलब्ध कराई गई थीं ।
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सॉफ्टवेयर विकास: बोर्ड की IT टीम ने खुद का सॉफ्टवेयर विकसित किया जिससे अंकों की प्रविष्टि सीधे मूल्यांकन केंद्रों से कंप्यूटर के माध्यम से की गई ।
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कदाचारमुक्त वातावरण: प्रश्नपत्रों के 10 सेट (A से J) तैयार किए गए ताकि नकल की गुंजाइश न रहे ।
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निगरानी: हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी और प्रति 500 परीक्षार्थियों पर एक वीडियोग्राफर की व्यवस्था थी ।
6. अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं
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UNIQUE ID: इंटर की तर्ज पर मैट्रिक के भी हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी गई, जो भविष्य की परीक्षाओं में उनकी पहचान रहेगी ।
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मॉडल केंद्र: राज्यभर में 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिन्हें फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था और वहां महिला कर्मियों की तैनाती की गई थी ।
रिजल्ट लिंक: परीक्षार्थी अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट https://result.biharboardonline.org पर देख सकते हैं ।