सिवान: सिसवन प्रखंड अंतर्गत गयासपुर गांव में जर्जर बिजली तारों से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, लाइनमैन को बनाया बंधक; नए तार लगाने की मांग

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BNT Desk: सिवान जिले के सिसवन प्रखंड अंतर्गत गयासपुर गांव में जर्जर बिजली के तारों को नहीं बदले जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से खराब और खतरनाक स्थिति में लटक रहे बिजली के तारों को बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के लाइनमैन सोनू बैठा को कथित तौर पर बंधक बना लिया। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

लंबे समय से जर्जर हैं बिजली के तार

ग्रामीणों का आरोप है कि गयासपुर गांव में बिजली के तार काफी समय से जर्जर हालत में हैं। कई जगह तार नीचे की ओर झूल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के बीच हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर तारों को बदलने और विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग लगातार की जाती रही, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि विभाग की कथित लापरवाही के कारण गांव के लोगों को जोखिम के बीच बिजली का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

शिकायतों के बाद भी नहीं बदले गए तार

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में जर्जर बिजली के तारों को बदलने की मांग काफी समय से की जा रही थी। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क किया। उनका कहना है कि हर बार समस्या के समाधान का भरोसा मिलने के बावजूद तारों को बदलने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली के तारों की खराब स्थिति के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर आबादी वाले इलाकों में बिजली के तारों के लटकने से बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

 

विरोध के दौरान लाइनमैन को बनाया बंधक

समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के लाइनमैन सोनू बैठा को ग्रामीणों ने कथित तौर पर बंधक बना लिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी समस्या का समाधान करने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद थे। इनमें अभय यादव, आजाद खान, शेख रहमत, विक्कू, सिकन्दर अली और अनवर अली समेत अन्य स्थानीय लोग शामिल बताए गए हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द जर्जर तारों को हटाकर नए तार लगाने की मांग की।

 

ग्रामीणों ने दी बड़े हादसे की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि बिजली के तारों की जर्जर स्थिति को लेकर अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित करना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि गांव में जर्जर तारों का निरीक्षण कराया जाए और जहां भी तार खराब या क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, उन्हें तत्काल बदला जाए।

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बिजली विभाग के JE से नहीं मिल सका पक्ष

पूरे मामले को लेकर बिजली विभाग का पक्ष जानने के लिए कनिष्ठ अभियंता यानी JE अवधेश कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। बताया गया कि उन्होंने फोन कॉल रिसीव किया, लेकिन कुछ देर बाद कॉल काट दी। इसके बाद उनकी ओर से घटना या ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। ऐसे में फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों पर बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। विभाग की ओर से कोई बयान मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

 

नए तार लगाने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से गयासपुर गांव में जल्द से जल्द नए बिजली के तार लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जर्जर तारों को पूरी तरह बदलकर विद्युत लाइन को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते बिजली के तार नहीं बदले गए और कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। फिलहाल इस घटना के बाद गांव में बिजली व्यवस्था और जर्जर तारों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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