BNT Desk: बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक ऐतिहासिक ऐलान किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अब प्रखंड (ब्लॉक), अंचल और थाना स्तर पर होने वाले कामकाज की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा की जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना और आम जनता की फाइलों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना है।
थाना और प्रखंड स्तर पर जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि अक्सर जनता की शिकायतें प्रखंड और थाना स्तर पर अनसुनी रह जाती हैं। अब इस सिस्टम को जवाबदेह बनाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे हस्तक्षेप करेगा।
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त्वरित समाधान: जनता की शिकायतों का अब समय सीमा के भीतर निपटारा करना होगा।
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भ्रष्टाचार पर लगाम: निगरानी बढ़ने से बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम लगेगी।
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पारदर्शिता: हर फाइल और हर शिकायत की स्थिति की जानकारी उच्च स्तर पर उपलब्ध होगी।
‘ट्रिपल C’ पर जीरो टॉलरेंस
सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि वे ‘ट्रिपल C’ की नीति पर अडिग हैं। इसका अर्थ है:
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क्राइम (Crime): अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं होगी।
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करप्शन (Corruption): भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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कम्यूनलिज्म (Communalism): सांप्रदायिकता फैलाने वाली ताकतों से सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नीति एनडीए सरकार की पहचान रही है और भविष्य में भी इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
नीतीश मॉडल का सम्मान और विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्थापित सुशासन मॉडल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने बिहार को जिस विकास की पटरी पर लाया है, उसी दिशा में राज्य को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। सम्राट चौधरी ने बिहार की समृद्धि के लिए प्रशासनिक पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के विकास को जरूरी बताया।
विपक्ष पर तीखा हमला
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी की बपौती या निजी संपत्ति नहीं है। यह बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद है।” उन्होंने तेजस्वी को नसीहत दी कि उन्हें इस सोच से बाहर निकलना चाहिए कि सत्ता केवल एक परिवार या व्यक्ति के पास रहनी चाहिए।
लालू यादव के दौर और व्यक्तिगत संघर्ष का जिक्र
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल पर भी हमला बोला। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि उनके परिवार पर लालू यादव के दौर में जो अत्याचार हुए, उसी ने उन्हें राजनीति में संघर्ष करना सिखाया। उन्होंने सदन को बताया कि वे किसी की ‘पाठशाला’ से नहीं निकले, बल्कि अपनी मेहनत और कानूनी लड़ाइयों को जीतकर आज इस मुकाम पर पहुँचे हैं।
महिला आरक्षण
मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन विधेयक का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए, लेकिन विपक्ष ने इसमें रोड़े अटकाने का काम किया। उन्होंने दावा किया कि बिहार की महिलाएं अब एनडीए सरकार के साथ मजबूती से खड़ी हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनका सम्मान कहाँ सुरक्षित है।
NDA की एकजुटता
संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने एनडीए के सभी घटक दलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार को विकसित राज्य बनाना है। सम्राट चौधरी के इन कड़े तेवरों और प्रशासनिक सुधारों के ऐलान से स्पष्ट है कि बिहार में अब ‘सुशासन 2.0’ की शुरुआत हो चुकी है।