BNT Desk: इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से दिल्ली में वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन तथा पटना में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने प्रतिक्रिया दी है। राजद के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में मौजूदा हालात आपातकाल से भी खराब हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कार्रवाई से जनता और युवाओं में नाराजगी है और आने वाले समय में लोग सरकार को सत्ता से हटा देंगे।
भाई वीरेंद्र ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की तैयारियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एनडीए को अपना मेगा शो करने दीजिए, इससे चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि उनका वोटर पूरी तरह उनके साथ है और वे चुनाव जीत रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ राहत राशि, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच विवाद तथा प्रशांत किशोर और नीरज कुमार से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी।
‘आपातकाल से भी बुरे हालात’, सरकार पर लगाए आरोप
भाई वीरेंद्र ने वोट चोरी के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर कहा कि जिस तरह लोगों को उनके घरों और होटलों से उठाया जा रहा है, वह स्थिति आपातकाल से भी खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार को समझ नहीं आ रहा कि वह देश को किस दिशा में ले जा रही है।
राजद विधायक ने दावा किया कि देश की जनता और युवा सरकार को सत्ता से हटाएंगे। उन्होंने सरकार के भविष्य को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उसकी स्थिति सद्दाम हुसैन से भी खराब होने वाली है। यह भाई वीरेंद्र का राजनीतिक बयान है। उनके आरोपों और सरकार के खिलाफ लगाए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
NDA के मेगा शो पर बोले- चुनाव परिणाम पर नहीं पड़ेगा असर
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए की ओर से होने वाले मेगा शो पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि गठबंधन को अपना कार्यक्रम करने दीजिए। इससे उनके अनुसार चुनावी स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
उन्होंने दावा किया कि राजद और उसके सहयोगियों का मतदाता उनके साथ है और वे चुनाव जीत रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि एनडीए के शक्ति प्रदर्शन से चुनाव परिणाम बदलने वाला नहीं है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियों और शक्ति प्रदर्शन के जरिए समर्थकों के बीच संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, चुनाव में किस गठबंधन को कितनी सफलता मिलेगी, यह मतदाताओं के फैसले और चुनाव परिणाम से ही स्पष्ट होगा।
बाढ़ पीड़ितों को 7 हजार रुपये देने पर सरकार को घेरा
राज्य सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ितों को 7,000 रुपये की सहायता राशि दिए जाने और करीब 1.60 लाख लोगों को भुगतान किए जाने को लेकर भी भाई वीरेंद्र ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह राशि बाढ़ प्रभावित लोगों का अधिकार है और उन्हें सहायता मिलने में काफी देर हुई है।
राजद विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार को यह सहायता पहले उपलब्ध करानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रचार के लिए इस तरह की गतिविधियां करती है। उनके अनुसार, बाढ़ प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता देना सरकार की जिम्मेदारी है।
भाई वीरेंद्र के बयान में राहत राशि के भुगतान में देरी और सरकारी प्रचार को लेकर सवाल उठाए गए। बाढ़ पीड़ितों को सहायता मिलने की समय-सीमा और भुगतान की स्थिति का आकलन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है।
चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के विवाद पर टिप्पणी से बचे
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच उठे विवाद पर पूछे जाने पर भाई वीरेंद्र ने सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनसे सवाल न किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर वह इस मुद्दे पर बोलेंगे, तो दोनों नेता मिलकर अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े मामले में उन पर केस कर सकते हैं। इसी वजह से वह इस विवाद पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने इसे दोनों नेताओं का आपसी मामला बताया।
भाई वीरेंद्र की इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि उन्होंने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच विवाद पर कोई विस्तृत राजनीतिक टिप्पणी करने के बजाय इस मुद्दे से दूरी बनाए रखी।
प्रशांत किशोर और नीरज कुमार विवाद पर भी दिया जवाब
प्रशांत किशोर और नीरज कुमार से जुड़े विवाद पर भी भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह दोनों दलों का मामला है और उन्हें ही इस पर फैसला करना चाहिए। उन्होंने इस विवाद में सीधे हस्तक्षेप करने से परहेज किया।
हालांकि, उन्होंने अपनी पार्टी और गठबंधन की चुनावी स्थिति को लेकर दावा किया कि वे दोनों पक्षों पर भारी हैं और चुनाव जीत रहे हैं। उनके इस बयान में एक बार फिर चुनावी जीत को लेकर विश्वास जताया गया।
वोट चोरी के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज
भाई वीरेंद्र के बयान में वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार की आलोचना, एनडीए के मेगा शो पर प्रतिक्रिया और बाढ़ राहत राशि को लेकर सवाल प्रमुख रहे। उन्होंने चिराग पासवान-जीतन राम मांझी और प्रशांत किशोर-नीरज कुमार विवादों पर भी अपनी राय रखी, लेकिन दोनों मामलों में सीधे राजनीतिक टकराव से बचते नजर आए।
फिलहाल, वोट चोरी के आरोप, चुनावी जीत के दावे और सरकार के खिलाफ की गई टिप्पणियां भाई वीरेंद्र के राजनीतिक बयान हैं। इन दावों के आधार पर चुनाव परिणाम या आरोपों की सत्यता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।