बिहार प्रशासन में बड़ा बदलाव: दीपक कुमार बने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, CM के प्रधान सचिव पद से हटे

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BNT Desk: बिहार प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। रिटायर्ड IAS अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से मुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाले दीपक कुमार की नई नियुक्ति के बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।

 

सेवानिवृत्ति के बाद भी संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

दीपक कुमार 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में राज्य और केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। सरकारी सेवा से उनकी सेवानिवृत्ति 20 मार्च 2021 को हुई थी। इसके ठीक अगले दिन यानी 21 मार्च 2021 को उन्हें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। सेवानिवृत्ति के बाद भी मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी रही। करीब साढ़े पांच साल तक उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के तौर पर काम किया। इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े कामों में भी उनकी भूमिका रही।

 

अब आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में नई जिम्मेदारी

सरकार के नए निर्णय के तहत दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से मुक्त कर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पद 11 सितंबर से खाली था। इससे पहले उदय कांत मिश्रा इस पद पर थे। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। अब सरकार ने इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दीपक कुमार को दी है। नई भूमिका में उनके सामने राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे।

 

करीब 13 जिलों में रह चुके हैं DM

दीपक कुमार का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। अपने करियर के दौरान उन्होंने बिहार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। करीब 13 जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम करने का अनुभव उनके प्रशासनिक करियर का हिस्सा रहा है। उन्होंने बक्सर, नालंदा, हजारीबाग और मोतिहारी जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर भी सेवाएं दी हैं। जिलों में काम करने के दौरान उन्हें कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं, राजस्व प्रशासन और जिला स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों का अनुभव मिला।

 

कई महत्वपूर्ण विभागों में संभाली जिम्मेदारी

जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा दीपक कुमार बिहार सरकार के कई अहम विभागों में भी काम कर चुके हैं। उनके प्रशासनिक करियर में स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, कैबिनेट विभाग, पर्यटन विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। अलग-अलग विभागों में काम करने के कारण उन्हें राज्य सरकार के प्रशासनिक कामकाज और विभिन्न नीतिगत विषयों से जुड़े मामलों का अनुभव रहा है।

 

केंद्र में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे

दीपक कुमार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वह कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के महानिदेशक के पद पर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के चेयरमैन के तौर पर भी काम किया है। इस तरह राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों का उनका लंबा अनुभव रहा है। अब इसी अनुभव का इस्तेमाल बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में किया जाएगा।

 

बिहार में आपदा प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी

बिहार में आपदा प्रबंधन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषय है। राज्य के कई हिस्से हर साल बाढ़, भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं। ऐसे समय में राहत और बचाव की तैयारी, प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक समन्वय, राहत शिविरों की व्यवस्था और लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका आपदाओं से निपटने की तैयारियों, विभागों के बीच समन्वय और आपदा के दौरान प्रभावी प्रतिक्रिया से जुड़ी रहती है। ऐसे में दीपक कुमार की नियुक्ति के बाद उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल इस व्यवस्था में किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री कार्यालय में भी बदलाव

दीपक कुमार को नई जिम्मेदारी दिए जाने के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में भी प्रशासनिक स्तर पर बदलाव हुआ है। करीब साढ़े पांच साल तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में काम करने के बाद अब उनकी भूमिका बदल गई है। करीब चार दशक के प्रशासनिक अनुभव वाले दीपक कुमार की अब नई पारी बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में शुरू होगी। आने वाले समय में आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में उनकी प्राथमिकताएं और प्रशासनिक अनुभव किस तरह उपयोग में लाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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