पटना: रोड कंस्ट्रक्शन विभाग के इंजीनियर राजीव कुमार पर केस दर्ज, आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी

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BNT Desk: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बार पटना में रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट (RCD) के कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार निगरानी के रडार पर आए हैं। करोड़ों रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पटना स्थित उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला: PC ACT के तहत FIR दर्ज

विशेष निगरानी इकाई ने राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA Case) रखने के ठोस सबूत मिलने के बाद कांड संख्या 15/2026 दर्ज की है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC ACT), 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसी का अनुमान है कि इंजीनियर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पदस्थापित अवधि के दौरान करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है, जो उनकी वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक है।

तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

माननीय न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद, विशेष निगरानी इकाई की टीमों ने राजीव कुमार के तीन ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। जांच के दायरे में निम्नलिखित स्थान शामिल हैं:

  1. सुमित चंद्रम गृह अपार्टमेंट: पटना स्थित इस अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में निगरानी की टीम सुबह से ही दस्तावेजों को खंगाल रही है।

  2. पंत भवन: बेली रोड स्थित कार्यालय पंत भवन में भी निगरानी की टीम पहुंची है, जहां राजीव कुमार के कार्यालय कक्ष और वहां मौजूद फाइलों की जांच की जा रही है।

  3. लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट, दानापुर: दानापुर स्थित इस लग्जरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 807 में भी छापेमारी की तैयारी थी।

दानापुर के फ्लैट में आई तकनीकी बाधा

छापेमारी के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब निगरानी की टीम दानापुर स्थित लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट पहुंची। मामले की जानकारी देते हुए संजय कुमार वर्मा (सीनियर डीएसपी, स्पेशल विजिलेंस यूनिट) ने बताया कि जाँच टीम जब फ्लैट नंबर 807 पर पहुंची, तो पता चला कि यह फ्लैट पिछले 2 वर्षों से किसी आर्मी अधिकारी को किराए पर दिया गया है।

सीनियर डीएसपी ने स्पष्ट किया कि चूंकि वहां किराएदार रह रहे थे, इसलिए फिलहाल उस फ्लैट के अंदर सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया जा सका है। हालांकि, न्यायालय के आदेशानुसार अन्य ठिकानों पर सघन तलाशी जारी है।

दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच जारी

विशेष न्यायाधीश (निगरानी) के आदेश पर चल रही इस कार्रवाई में अधिकारी संपत्ति के सबूतों, बैंक खातों, निवेश के कागजात और अन्य कीमती सामानों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक पासबुक बरामद होने की सूचना है। निगरानी इकाई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई रकम को कहां-कहां निवेश किया गया है।

“राजीव कुमार रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। कोर्ट से मिले सर्च वारंट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। दानापुर वाले फ्लैट को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है, बाकी जगहों पर दस्तावेजों की जांच जारी है।” – संजय कुमार वर्मा, सीनियर डीएसपी, SVU

आगे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद

निगरानी विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी अभी लंबी चल सकती है। जैसे-जैसे फाइलों और डिजिटल सबूतों की जांच आगे बढ़ेगी, राजीव कुमार की बेनामी संपत्तियों और निवेश के नए ठिकाने सामने आ सकते हैं। बिहार में हाल के दिनों में सरकारी इंजीनियरों के खिलाफ यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि लोक सेवक बनकर अवैध कमाई करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है। अब देखना यह होगा कि इस जांच के अंत में कुल कितनी चल-अचल संपत्ति का खुलासा होता है।

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