BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं। आसमान से बरसती आग और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए पटना जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है।
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव करने का आदेश जारी किया है। यह कदम बच्चों को लू (Heatwave) और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने के लिए उठाया गया है।
कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए दोपहर 12:30 बजे तक ही लगेंगे स्कूल
डीएम द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, पटना जिले के सभी स्कूलों में कक्षा पांचवीं (Class 5) तक की पढ़ाई अब दोपहर 12:30 बजे तक ही संचालित की जाएगी। 12:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।
यह नियम केवल बड़े स्कूलों पर ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित सभी संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा:
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सभी सरकारी एवं निजी स्कूल
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प्री-स्कूल (Pre-schools)
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आंगनबाड़ी केंद्र
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन को अपनी समय-सारणी इस तरह से व्यवस्थित करनी होगी कि बच्चों की मुख्य पढ़ाई सुबह के ठंडे घंटों में ही पूरी कर ली जाए।
कानून की धारा 163 के तहत आदेश जारी
यह आदेश कोई सामान्य निर्देश नहीं है, बल्कि इसे कानूनी रूप से लागू किया गया है। पटना के जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्देश जारी किया है।
डीएम डॉ. त्यागराजन ने कहा, “अत्यधिक गर्मी और लू बच्चों के कोमल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। एहतियात के तौर पर स्कूलों का समय बदलना अनिवार्य हो गया था ताकि बच्चों को तपती दोपहर में घर वापस न जाना पड़े।”
आदेश की अवधि
फिलहाल यह नया समय निर्धारण 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक के लिए प्रभावी किया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन आगे भी इसकी समीक्षा कर सकता है और जरूरत पड़ने पर अवधि बढ़ाई जा सकती है।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
जिला प्रशासन ने न केवल स्कूलों को समय बदलने का आदेश दिया है, बल्कि अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है। भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
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धूप से बचाव: बच्चों को दोपहर के समय सीधे धूप में बाहर निकलने न दें।
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खान-पान का ध्यान: बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं ताकि उनके शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न हो।
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हल्का भोजन: इस मौसम में बच्चों को हल्का और सुपाच्य भोजन ही दें।
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सख्ती से पालन: स्कूल प्रबंधनों को चेतावनी दी गई है कि यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड और अन्य राज्यों में भी बदला समय
गर्मी का यह सितम केवल बिहार तक सीमित नहीं है। पड़ोसी राज्य झारखंड में भी भीषण गर्मी को देखते हुए केजी (KG) से लेकर कक्षा 8वीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। पूरे उत्तर भारत में इस समय लू का कहर जारी है, जिसके कारण राजस्थान, दिल्ली और यूपी जैसे राज्यों में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है।