BNT Desk: पटना में गंगा के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी शुक्रवार को थम गई, लेकिन घाटों और निचले इलाकों में पानी का फैलाव जारी रहा। गांधी घाट पर 24 घंटे में जलस्तर सिर्फ 2 सेंटीमीटर बढ़ा, लेकिन गुरुवार को कलेक्ट्रेट घाट की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी शुक्रवार को सड़क पर फैल गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सड़क पर लाल कपड़े से बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी।
बिंद टोली के घरों तक पहुंचा गंगा का पानी
दीघा घाट पर शुक्रवार को गंगा का जलस्तर स्थिर रहा, लेकिन पानी बिंद टोली के घरों के बिल्कुल करीब पहुंच गया। वहीं कंगन घाट से किला रोड की ओर पानी फैलने के कारण लगातार तीसरे दिन भी आवागमन प्रभावित रहा। भद्र घाट और महावीर घाट पर पहले से बैरिकेडिंग की गई है। इसके कारण इन दोनों घाटों पर भी आवागमन बंद है।
घाटों पर पहुंचने वालों को प्रशासन की चेतावनी
गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर स्नान और अन्य गतिविधियों के लिए पहुंच रहे लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। खासकर निचले हिस्सों में पानी फैलने के कारण लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
गांधी घाट पर खतरे से 1.09 मीटर ऊपर पानी
शुक्रवार शाम 8 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.69 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यानी गंगा खतरे के निशान से 1.09 मीटर ऊपर बह रही है। गुरुवार शाम 8 बजे जलस्तर 49.67 मीटर था। दीघा घाट पर जलस्तर 50.77 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 32 सेंटीमीटर ऊपर है। मनेर में गंगा का जलस्तर 52.58 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर है।
हाथीदह में 92 सेंटीमीटर ऊपर गंगा
हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। शुक्रवार रात 8 बजे यहां पानी 42.68 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है। इस तरह यहां जलस्तर 92 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि मनेर में गुरुवार की तुलना में जलस्तर 1 सेंटीमीटर नीचे आया। पुनपुन नदी का जलस्तर श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 99 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं दरधा नदी के कोल्हाचक में पानी खतरे के निशान से 2.25 मीटर ऊपर रहा। यहां दिनभर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई।
1 और 2 अक्टूबर के जलस्तर में बदलाव
| निगरानी स्थल | 1 अक्टूबर रात 8 बजे | 2 अक्टूबर रात 8 बजे | बदलाव |
|---|---|---|---|
| गांधी घाट | 49.67 मीटर | 49.69 मीटर | 2 सेमी बढ़ा |
| दीघा घाट | 50.77 मीटर | 50.77 मीटर | स्थिर |
| मनेर | 52.59 मीटर | 52.58 मीटर | 1 सेमी घटा |
| हाथीदह | 42.59 मीटर | 42.68 मीटर | 9 सेमी बढ़ा |
निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी
गंगा का जलस्तर बढ़ना भले ही फिलहाल धीमा हुआ है, लेकिन घाटों और निचले इलाकों में पानी का फैलाव चिंता का कारण बना हुआ है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील घाटों पर बैरिकेडिंग और निगरानी की जा रही है। लोगों से नदी के किनारे और पानी से घिरे रास्तों पर जाने से बचने की अपील की गई है।