BNT Desk: NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले में गुरुवार से स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस मामले में CBI की विशेष अदालत में कुल 53 आरोपितों के खिलाफ सुनवाई की जा रही है। स्पीडी ट्रायल के पहले दिन केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपने पहले गवाह के रूप में National Testing Agency यानी NTA के महानिदेशक प्रदीप सिंह करौला को अदालत में पेश किया। अदालत में CBI की ओर से उनसे पूछताछ की गई और इसके बाद बचाव पक्ष के वकीलों ने भी उनसे सवाल किए। पहले दिन ही गवाह की गवाही की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
NTA DG ने अदालत में दर्ज कराया बयान
मामले की सुनवाई के दौरान NTA के महानिदेशक प्रदीप सिंह करौला से परीक्षा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए। CBI की ओर से उनकी गवाही को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि NEET-UG परीक्षा का आयोजन NTA की ओर से कराया गया था। गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने आगे की कार्यवाही के लिए अगली तारीख तय की है। इस दौरान बचाव पक्ष को भी गवाह से सवाल करने का मौका दिया गया।
एक आरोपित के खिलाफ आरोप तय
स्पीडी ट्रायल के पहले दिन अदालत ने एक आरोपित के खिलाफ आरोप भी तय किया। इसके साथ ही मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी। अदालत पहले ही कई आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी है। 24 सितंबर 2026 को विशेष अदालत ने 52 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इसके बाद अब 53 आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
एक आरोपित चल रहा है फरार
मामले में एक आरोपित अभी भी फरार है। उसके खिलाफ अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। फरार आरोपित का मामला अन्य आरोपितों से अलग कर दिया गया है, ताकि उसकी अनुपस्थिति के कारण बाकी आरोपितों के खिलाफ चल रही सुनवाई प्रभावित न हो। जांच एजेंसियां फरार आरोपित की तलाश कर रही हैं।
5 मई 2024 को हुई थी NEET-UG परीक्षा
NEET-UG 2024 की परीक्षा 5 मई 2024 को आयोजित की गई थी। परीक्षा देशभर में अलग-अलग केंद्रों पर हुई थी। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद कई स्तर पर जांच शुरू हुई और मामला काफी चर्चा में रहा।
शास्त्री नगर थाने में दर्ज हुआ था केस
प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामले की शुरुआती कार्रवाई बिहार पुलिस ने की थी। पटना के शास्त्री नगर थाना में केस नंबर 358/2024 दर्ज किया गया था। पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। आगे की जांच Economic Offences Unit यानी EOU को सौंपी गई। EOU की जांच में NEET-UG प्रश्नपत्र लीक से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया।
केंद्र सरकार ने CBI को सौंपी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने बाद में इसकी जांच CBI को सौंप दी। CBI ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ की। जांच के दौरान कई आरोपितों के नाम सामने आए। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।
CBI ने 54 लोगों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
CBI ने अपनी जांच पूरी करने के बाद कुल 54 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इन आरोपितों पर प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े मामले में अलग-अलग भूमिका होने के आरोप हैं। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपितों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।
स्पीडी ट्रायल से जल्द पूरी होगी सुनवाई की प्रक्रिया
अब अदालत में मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य मामले की गवाही और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करना है। पहले दिन NTA DG की गवाही पूरी होने के बाद अब अन्य गवाहों को अदालत में पेश किया जाएगा। अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों को अपने-अपने पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की है। उस दिन मामले में आगे की गवाही और कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में बड़ी संख्या में आरोपित होने के कारण अदालत में सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलों और गवाहियों पर नजर रहेगी।