बिहार में अब राशन की दुकानों पर मिलेगा ‘कुकिंग कोयला’: LPG की किल्लत देख सम्राट सरकार का बड़ा फैसला

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BNT Desk: बिहार में रसोई गैस (LPG) की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने निर्णय लिया है कि अब राज्य के जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली (PDS) यानी सरकारी राशन की दुकानों के माध्यम से ‘कुकिंग कोयला’ उपलब्ध कराया जाएगा।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को खाना पकाने के लिए सस्ता विकल्प देना है जो महंगी गैस सिलेंडर खरीदने में असमर्थ हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस वैश्विक संकट की वजह से रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता कम हुई है और इसकी कीमतों में भारी उछाल आया है।

राज्य सरकार का मानना है कि इस स्थिति में गरीब तबके के लोगों के लिए सिर्फ गैस पर निर्भर रहना मुश्किल हो रहा है। इसलिए, खाना पकाने के लिए एक वैकल्पिक और सस्ता ईंधन (Alternative Fuel) मुहैया कराने के लिए कोयले के वितरण का रास्ता चुना गया है।

किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ?

इस योजना का फायदा सीधे तौर पर बिहार के उन लाखों परिवारों को मिलेगा जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आते हैं। मुख्य रूप से दो श्रेणियों के कार्डधारकों को इसका लाभ मिलेगा:

  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY): सबसे गरीब परिवार।

  • प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH): पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक।

इन सभी लाभार्थियों को अब अनाज के साथ-साथ खाना पकाने के लिए निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कोयला भी राशन की दुकान से मिल सकेगा।

सरकारी विभागों को सख्त निर्देश: पारदर्शिता का रखें ध्यान

खाद्य विभाग ने इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिलाधिकारियों (DM), परिवहन विभाग और खान एवं भूतत्व विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

  • बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड (BSMCL): इस निगम को जिम्मेदारी दी गई है कि वह कोयले की समय पर आपूर्ति और वितरण के बीच समन्वय बिठाए।

  • राशन दुकानदार: सभी डीलर (PDS Shopkeepers) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्टॉक में कुकिंग कोयले को शामिल करें और इसका वितरण पारदर्शी तरीके से करें।

  • क्वालिटी चेक: सरकार ने आदेश में यह भी साफ किया है कि कोयले की गुणवत्ता और माप-तौल में कोई धांधली नहीं होनी चाहिए।

सस्ती और सुलभ ईंधन सुविधा

सरकार की इस पहल का उद्देश्य गरीब परिवारों के किचन का बजट बिगड़ने से बचाना है। गैस सिलेंडर की कमी या उसके महंगे होने की स्थिति में, राशन दुकानों पर मिलने वाला यह कोयला एक मजबूत विकल्प साबित होगा। इससे ग्रामीण इलाकों और शहरी गरीब बस्तियों में ईंधन की समस्या काफी हद तक हल होने की उम्मीद है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य का ध्यान

हालांकि कोयले के इस्तेमाल को लेकर कुछ पर्यावरण संबंधी चिंताएं रहती हैं, लेकिन सरकार का जोर ‘कुकिंग ग्रेड’ कोयले पर है, जो खाना पकाने के लिए उपयुक्त हो। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि इस व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू किया जाए ताकि आम जनता को तुरंत राहत मिल सके।

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