BNT Desk: विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के दौरान श्रद्धालुओं के मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ गयाजी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की विशेष टीम ने अंतरराज्यीय गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनके ठिकानों से 44 चोरी के मोबाइल फोन समेत नकद रुपये और कई अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य मेले में उमड़ने वाली भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के मोबाइल और अन्य सामान चोरी करते थे। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त कर दिया है।
44 मोबाइल और 34,500 रुपये बरामद
पुलिस की कार्रवाई में कुल 44 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए मोबाइल में कई महंगे फोन भी शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों के पास से 34,500 रुपये नकद भी मिले हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई सामान भी जब्त किए। बरामद सामान में एक हथौड़ी, दो चार्जर, एक चाकू, एयरबड्स और एक प्लास शामिल है। इसके अलावा 14 सिम कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन पहचान पत्र, एक डेबिट कार्ड और दो ATM कार्ड भी पुलिस ने बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल और अन्य सामान के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
CCTV और तकनीकी सर्विलांस से मिली जानकारी
गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम को मेले के दौरान मोबाइल चोरी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए सक्रिय किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र निवासी पप्पू दत्ता उर्फ शिबू दत्ता को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। पूछताछ और CCTV फुटेज के विश्लेषण के बाद पुलिस को गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली।
पूछताछ के बाद अन्य ठिकानों पर छापेमारी
पप्पू दत्ता से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर गिरोह से जुड़े अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को चोरी के मोबाइल और अन्य सामान बरामद करने में सफलता मिली। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य पितृपक्ष मेले की भीड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहते थे। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मौका देखकर मोबाइल चोरी करने की बात सामने आई है।
7 आरोपी गिरफ्तार, एक बालक भी निरुद्ध
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गिरोह के 7 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन कुमार शर्मा, प्रताप नोनिया, करण नोनिया, संजय साव, संतोष नोनिया, रौशन कुमार और गणेश नोनिया के रूप में हुई है। इनके अलावा अपराध में शामिल एक विधि-विरुद्ध बालक को भी पुलिस ने निरुद्ध किया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों तथा चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
भीड़भाड़ वाले वेदी स्थलों पर बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पितृपक्ष मेले के दौरान भीड़भाड़ वाले वेदी स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं को निशाना बनाते थे। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पिंडदान और तर्पण के लिए गया पहुंचते हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मोबाइल और अन्य सामान की चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए आरोपी भीड़ का फायदा उठाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने मेले के दौरान कितनी अन्य चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।
विष्णुपद थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विष्णुपद थाना भेजा गया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां बरामद किए गए मोबाइल फोन के बारे में जानकारी जुटा रही हैं, ताकि उनके वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें फोन वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इसके साथ ही आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य जिलों में उनकी गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क
पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। ऐसे में मेले के दौरान मोबाइल चोरी और जेबकतरी जैसी घटनाओं को रोकना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहती है। गयाजी पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मेले के प्रमुख स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। CCTV और तकनीकी सर्विलांस के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में 44 मोबाइल फोन बरामद होने के बाद अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए मोबाइल कहां खपाए जाते थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।