पटना: गंडक में फ्लैश फ्लड का खतरा, बिहार के 6 जिलों में अलर्ट; NDRF- SDRF की होगी तैनाती

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BNT Desk: नेपाल के ऊपरी गंडक कैचमेंट क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने और करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संभावित खतरे को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

 

नेपाल में फ्लैश फ्लड से बढ़ी चिंता

नेपाल के ऊपरी गंडक जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की सूचना के बाद बिहार प्रशासन अलर्ट मोड में है। जानकारी के मुताबिक नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ जिलों में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम है। इन क्षेत्रों का पानी गंडक नदी के जलप्रवाह को प्रभावित कर सकता है। वहीं दोलखा और सिंधुपालचोक में कोसी कैचमेंट के लिए भी फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम बताया गया है। कोसी, बागमती और गंडक कैचमेंट के कई अन्य इलाकों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है।

 

गंडक से जुड़े 6 जिलों में विशेष सतर्कता

संभावित बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर समेत दूसरे संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन को नदी के जलस्तर, तटबंध, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मुख्य सचिव ने तैयारियां पूरी रखने को कहा

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि यदि जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। स्थानीय समुदाय को भी समय पर अलर्ट करने और प्रशासनिक स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत रखने पर जोर दिया गया है।

 

गंडक बैराज के गेट और नहरों पर नजर

संभावित बढ़े जलप्रवाह के प्रबंधन को लेकर जल संसाधन विभाग को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। विभाग को गंडक बैराज के गेट और उससे जुड़ी नहरों के संचालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के साथ तटबंधों और जल संसाधन से जुड़ी संरचनाओं की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा गया है। किसी भी तरह की क्षति या दबाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF की तैयारी

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF के अतिरिक्त संसाधनों को भी तैयार किया जा रहा है। गोपालगंज में एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं मुजफ्फरपुर में एक NDRF टीम को स्टैंडबाय पर रखा जाएगा। पश्चिमी चंपारण के मुख्यालय बेतिया में भी NDRF की टीम की तैनाती की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार करीब दो घंटे के भीतर टीम की मूवमेंट सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर SSB की QRT और अन्य संसाधनों की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

नाव और शेल्टर की व्यवस्था रखने के निर्देश

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को पहले से Evacuation Plan तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर लोगों को ठहराने के लिए शेल्टर और भोजन उपलब्ध कराने के लिए Community Kitchen की व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो।

 

अफवाहों पर नजर, रोजाना मीडिया ब्रीफिंग

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि फ्लैश फ्लड और संभावित बाढ़ को लेकर किसी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना न फैले। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। किसी भी अपुष्ट खबर को सोशल मीडिया पर शेयर न करें।

 

सरकार की अपील- घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन और बचाव दलों को पहले से तैयार किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। गंडक नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले संभावित जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति के अनुसार अतिरिक्त NDRF- SDRF टीमें, नावें और अन्य संसाधन संवेदनशील जिलों में भेजे जा सकते हैं।

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