BNT Desk: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। यह अभियान 20 अक्टूबर 2026 तक राज्यभर में चलाया जाएगा। इसके तहत हेलमेट और सीटबेल्ट नहीं लगाने, नाबालिगों के वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार, पिछले 10 दिनों में 16 हजार से अधिक ई-चालान काटे गए हैं और करीब 15.5 करोड़ रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
हेलमेट-सीटबेल्ट से लेकर नाबालिगों की ड्राइविंग तक पर नजर
परिवहन विभाग के इस अभियान में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं पहनने, चारपहिया वाहन में सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने और नाबालिगों के वाहन चलाने जैसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO), मोटरयान निरीक्षक (MVI) और प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) की टीमें तैनात हैं। विभाग का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और लापरवाही के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।
परिवहन आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा
परिवहन सचिव राज कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान की मंगलवार को राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों और प्रवर्तन टीमों के कामकाज की जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को प्रवर्तन गतिविधियां तेज करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। विभागीय अधिकारियों को अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने और कार्रवाई की नियमित निगरानी करने को कहा गया।
प्रमुख चौक-चौराहों और चेक पोस्ट पर होगी सघन जांच
परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों को प्रमुख चौक-चौराहों और चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार ई-चालान जारी किए जाएंगे।
जिला परिवहन पदाधिकारियों को अभियान की प्रतिदिन समीक्षा करने और कार्रवाई की प्रगति पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग चाहता है कि जांच अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसका असर वाहन चालकों के व्यवहार पर भी दिखाई दे।
10 दिनों में 16 हजार से अधिक ई-चालान, 15.5 करोड़ का जुर्माना
विशेष अभियान के शुरुआती 10 दिनों में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों में 16 हजार से अधिक ई-चालान जारी किए हैं। इन मामलों में करीब 15.5 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि निर्धारित की गई है।
यह कार्रवाई यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों पर विभाग की निगरानी को दर्शाती है। हालांकि, जारी किए गए चालान और निर्धारित जुर्माने की राशि अलग-अलग जिलों में हुई कार्रवाई का कुल आंकड़ा है। उपलब्ध जानकारी में जुर्माने की वसूली का अलग से विवरण नहीं दिया गया है।
लापरवाह अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान तय लक्ष्यों के अनुसार काम नहीं करने और खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस निर्देश के बाद जिला स्तर पर प्रवर्तन टीमों की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान की अवधि 20 अक्टूबर तक निर्धारित है।
परिवहन विभाग की वाहन चालकों से अपील
परिवहन विभाग ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। विभाग के अनुसार, दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति, दोनों को हेलमेट पहनना चाहिए। चारपहिया वाहन में सीटबेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए और नाबालिगों को किसी भी स्थिति में वाहन नहीं चलाने देना चाहिए। विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने से दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली चोटों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को चालान से बचने के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी नियमों का पालन करना चाहिए।