Bihar News: बिहार में संदिग्ध चाइनीज लहसुन की बरामदगी से हड़कंप, खरीदने से पहले जान लें पहचान और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें

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Bihar News: Seizure of suspected Chinese garlic sparks alarm in Bihar; know how to identify it and the essential safety facts before buying.

BNT Desk : बिहार के बगहा रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध चाइनीज लहसुन की बरामदगी के बाद इसकी पहचान और खाद्य सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अमृत भारत एक्सप्रेस के साधारण कोच से 12 बोरी संदिग्ध लहसुन बरामद किया है। आशंका जताई जा रही है कि इसे नेपाल के रास्ते बिहार लाया गया हो। हालांकि, बरामद लहसुन की वास्तविक उत्पत्ति और गुणवत्ता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि लहसुन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और इसकी सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं।

बगहा रेलवे स्टेशन पर 12 बोरी लहसुन बरामद

जानकारी के मुताबिक, बगहा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को RPF ने अमृत भारत एक्सप्रेस के साधारण कोच से 12 बोरी संदिग्ध चाइनीज लहसुन बरामद किया। आशंका है कि लहसुन की खेप नेपाल के रास्ते बिहार लाई गई थी। आवश्यक कार्रवाई के लिए बरामद लहसुन को बेतिया कस्टम विभाग के हवाले किए जाने की बात कही गई है।

भारत में चीनी लहसुन के आयात पर प्रतिबंध को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस मामले में बरामद खेप के मूल देश और उसमें किसी प्रतिबंधित या हानिकारक पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि आधिकारिक जांच से ही हो पाएगी।

क्या है चाइनीज लहसुन और भारत में क्यों है प्रतिबंध?

चाइनीज लहसुन से आमतौर पर चीन में उत्पादित लहसुन का मतलब होता है। भारत में इसके आयात पर वर्ष 2014 से प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही जाती है। इसके पीछे फंगल संक्रमण और आयातित कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चिंताओं का उल्लेख किया जाता रहा है।

हालांकि, किसी लहसुन को केवल उसके आकार या रंग के आधार पर चीनी अथवा प्रतिबंधित घोषित नहीं किया जा सकता। इसी तरह, यह मान लेना भी सही नहीं है कि हर बड़ा या चमकदार लहसुन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। किसी उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता जानने के लिए उसकी उत्पत्ति, नियामकीय स्थिति और जरूरत पड़ने पर प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण होती है।

कैसा दिखता है चाइनीज लहसुन? ऐसे पहचानें अंतर

बाजार में लहसुन खरीदते समय कुछ सामान्य विशेषताओं पर ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, ये संकेत केवल शुरुआती अनुमान लगाने में मदद करते हैं, पक्की पहचान नहीं करते।

आकार: कुछ किस्मों में लहसुन की गांठ बड़ी और कलियां मोटी हो सकती हैं, जबकि देसी लहसुन की कई किस्मों में छोटी गांठ और पतली कलियां देखने को मिलती हैं।

रंग: अत्यधिक सफेद और चमकदार सतह को लेकर सतर्क रहना ठीक है, लेकिन प्राकृतिक रूप से सफेद लहसुन भी बाजार में मिलता है। केवल रंग के आधार पर उसकी उत्पत्ति तय नहीं की जा सकती।

गंध और स्वाद: देसी लहसुन की कई किस्मों में तेज और तीखी गंध होती है। दूसरी किस्मों में गंध और स्वाद हल्का हो सकता है। इसलिए कम गंध को चाइनीज लहसुन होने का पक्का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

जड़ें और बाहरी परत: लहसुन की जड़ें, छिलके और कलियों की बनावट किस्म तथा सफाई और प्रसंस्करण के तरीके के अनुसार बदल सकती है।

लहसुन को पानी में डालकर उसकी उत्पत्ति या केमिकल ट्रीटमेंट का पता लगाने के दावों पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। इसके लिए कोई सामान्य घरेलू परीक्षण निर्णायक प्रमाण नहीं है।

क्या चाइनीज लहसुन खाने से लिवर खराब हो सकता है?

संदिग्ध या दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि किसी उत्पाद में हानिकारक रसायन, कीटनाशकों के अवशेष या फंगल टॉक्सिन निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक हों, तो जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, यह दावा कि चाइनीज लहसुन खाने से सीधे लिवर खराब हो जाता है, बिना विशिष्ट वैज्ञानिक प्रमाण और जांच के सही नहीं माना जा सकता।तिरहुत प्रमंडल के फूड सेफ्टी ऑफिसर मुकेश कश्यप के हवाले से दी गई जानकारी में संदिग्ध लहसुन से पेट और आंतों में जलन, एलर्जी तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका जताई गई है। लेकिन किसी खास खेप से होने वाले नुकसान की पुष्टि उसके परीक्षण और उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

लहसुन खरीदते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान

लहसुन खरीदते समय भरोसेमंद दुकानदार या विश्वसनीय स्रोत को प्राथमिकता दें। ऐसी गांठें न खरीदें जिनमें फफूंदी, सड़न, असामान्य नरमी या नमी के कारण खराब होने के संकेत दिखें। यदि लहसुन की उत्पत्ति या गुणवत्ता पर संदेह हो, तो विक्रेता से जानकारी लें और संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें।

ध्यान रखें कि केवल बड़ा आकार, सफेद रंग या हल्की गंध किसी लहसुन को जहरीला साबित नहीं करती। बगहा में बरामद संदिग्ध खेप की वास्तविक स्थिति भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। उपभोक्ताओं के लिए सबसे सुरक्षित तरीका है कि वे साफ-सुथरा, सही तरीके से रखा गया लहसुन खरीदें और बिना प्रमाण के फैलने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावों से सावधान रहें।

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